धालभूमगढ़ में मतदान बहिष्कार के कारण जमशेदपुर में खाली पड़े बूथ
बुनियादी ढांचे की मांग पूरी न होने पर बहिष्कार के बीच मतदान को प्रोत्साहित करने के लिए अधिकारियों को संघर्ष करना पड़ा
जमशेदपुर में मतदान एक अनोखी चुनौती थी, क्योंकि बहिष्कार के कारण घंटों तक एक भी मतदाता किसी विशेष मतदान केन्द्र पर नहीं आया।
जमशेदपुर – जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र के लिए शनिवार सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर मतदान जारी है।
हालांकि, सुबह 11 बजे तक धालभूमगढ़ कनास पंचायत के बूथ संख्या 154 पर कोई मतदाता नहीं पहुंचा था।
1,069 पंजीकृत मतदाताओं वाले इस मतदान केन्द्र पर कोई नहीं था, जिसके कारण शीर्ष अधिकारियों को वहां का दौरा करना पड़ा।
रिपोर्ट के अनुसार, मतदाताओं के बहिष्कार के कारण मतदान केन्द्र पर सन्नाटा पसरा रहा।
मौके पर पहुंचे सीओ समीर कश्यप, धालभूमगढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र मुंडा, बीडीओ बबली कुमारी, डीसीएलआर समेत अन्य लोग स्थिति की जांच करने पहुंचे।
अधिकारियों को बूथ पर केवल कुछ ही लोग मिले, कोई भी उनसे बात करने को तैयार नहीं था।
मंगलवार को छोडिया और छबीसा के गांव नेताओं ने एक बैठक की, जिसमें ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया।
यह बहिष्कार पम्पू घाट पर पुल निर्माण और नरसिंहगढ़ रेलवे फाटक से छबीसा तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर किया गया था।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से मतदान करने की अपील करने के लिए बीएलओ को भेजा, लेकिन सुबह 11:30 बजे तक कोई भी मतदान करने नहीं आया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति पर चिंता व्यक्त की।
वे गांव के मुखिया के घर भी गए लेकिन वह घर पर नहीं मिले।
इससे पहले एसडीओ और एसडीपीओ ने ग्रामीणों से मिलकर उनकी चिंताओं का समाधान किया था और उन्हें मतदान के लिए प्रोत्साहित किया था।
इन प्रयासों के बावजूद ग्रामीणों ने अपना रुख कायम रखा और चुनाव में भाग नहीं लिया।
बूथ संख्या 154 पर मतदाताओं की अनुपस्थिति चुनावी प्रक्रिया पर अनसुलझे स्थानीय मुद्दों के प्रभाव को उजागर करती है।
अधिकारी ग्रामीणों की मांगों को पूरा करने तथा भविष्य के चुनावों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए समाधान तलाशने में जुटे हुए हैं।
