Sonari Gurudwara Election सोनारी गुरुद्वारा चुनाव : सगे भाई को 36 वोटों से हराकर सोनारी गुरुद्वारा के प्रधान बने सरदार तारा सिंह
जमशेदपुर : भारी गहमागहमी व जबरदस्त उत्सुकता के बीच रविवार को सोनारी गुरुद्वारा के प्रधान पद का चुनाव हुआ. निर्वतमान प्रधान सरदार तारा सिंह इस पद पर अपना कब्जा बनाए रखने में सफल रहे. उन्होंने प्रधान पद के दूसरे प्रत्याशी व अपने सगे छोटे भाई सरदार बलबीर सिंह गिल को 36 वोटों से हरा दिया.
जबरदस्त हलचल के बीच हुए मतदान में कुल 389 मतदाताओं में से 320 ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. पांच मद रद्द घोषित किये गए.
सरदार तारा सिंह (चुनाव चिह्न शेर) को 175 वोट मिले, जबकि सरदार बलबीर सिंह (चुनाव चिह्न उगता हुआ सूरज) 139 मत ही हासिल कर सके.
चुनाव परिणाम की घोषणा होते ही तारा सिंह के समर्थक जश्न मनाने लगे. समर्थकों ने तारा सिंह को सिरआंखों पर बैठाया. उसके बाद सभी लोग गुरु दरबार में माथा टेकने पहुंचे, जहां बड़े भाई के चुनाव हार जानेवाले सरदार बलबीर सिंह भी उपस्थित रहे.
प्रधान पद के लिए रविवार सुबह नौ बजे मतदान शुरू हुआ था. सबसे पहले तारा सिंह ने मतदान किया. इसके बाद बारी रही सरदार बलबीर सिंह गिल की. दोनों प्रत्याशियों के मतदान करने के बाद दूसरे वोटरों में मत डालना शुरू किया.
दिन तीन बजे तक संगत मतदान करती रही. दिन साढ़े तीन बजे मतगणना शुरू हुई और एक घंटे के भीतर प्रक्रिया को पूरा कर सरदार तारा सिंह को विजयी घोषित कर दिया गया.
इससे पहले दिन साढ़े 11 बजे सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह, महासचिव सरदार अमरजीत सिंह, साकची गुरुद्वारा के प्रधान सरदार निशान सिंह, गुरनाम सिंह मतदान स्थल पहुंचे और चुनावी प्रक्रिया का निरीक्षण किया.
इस चुनाव के लिए सीजीपीसी की ओर से संयोजक के रूप में अमरजीत सिंह भामरा, परविंदर सिंह सोहल व गुरचरण सिंह बिल्ला की प्रतिनियुक्ति की गई थी, जबकि सहयोगी के रूप में उनके साथ दलविंदर सिंह, मनीफीट गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह व तरनप्रीत सिंह बन्नी उपस्थित रहे.
वहीं, पोलिंग एजेंट के रूप में तारा सिंह की ओर से सुखविंदर सिंह, गुरप्रीत सिंह व जीएस गोलन ने सक्रिय रहे तो बलबीर सिंह की ओर से बलदेव सिंह, अमरजीत सिंह व हरजीत सिंह मास्टर ने यह भूमिका निभायी.
तारा सिंह के चुनावी वादे
- गुरुद्वारा भवन में एयर कंडीशनरों की संख्या बढ़ाई जाएगी.
- अपनी उपलब्धियां गिनाईं साथ ही भविष्य की योजनाएं भी रखी
- बिजली की खपत कम करने के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे.
- गुरुद्वारा में वाहनों को रखने के लिए शेड और मुख्य द्वार बनवाएंगे.
- गुरुद्वारा के बाउंड्री वॉल का भी नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा.
- मिशनरी स्कूलों में सिख बच्चों के दाखिले के लिए भी प्रयास किया जाएगा.
- सिख समाज के लिए एक माडर्न स्कूल का भी निर्माण कराना प्राथमिकता रहेगी.
- ट्रस्टियों को फिर से बहाल करेंगे, ताकि सारे काम ट्रस्टियों की देखरेख में हो.
