जमशेदपुर : बागबेड़ा बृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना के कई साल से बंद निर्माण कार्य को तुरंत शुरू कराने की मांग को लेकर रविवार को आयोजित पदयात्रा में सैकड़ों महिलाएं डेकची व बाल्टी जैसे जलपात्रों को लेकर शामिल हुईं. इस विशाल पैदल मार्च में इनका यह अंदाज आकर्षण का केंद्र बना रहा. इस आंदोलन में महिलाओं के अलावा बड़ी संख्या में पुरूष भी शामिल हुए. इनमें कई जन प्रतिनिधि भी थे.
बागबेड़ा स्थित लाल बिल्डिंग दुर्गा पूजा मैदान से टाटानगर स्टेशन चौक तक विशाल पैदल मार्च निकाला गया. इसके आयोजकों में शामिल पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव ने घोषणा की है कि यदि पैदल मार्च आंदोलन से बात नहीं बनी तो आंदोलन का अगला व निर्णायक केंद्र उपायुक्त कार्यालय होगा. वहां पर बेमियादी अनशन किया जाएगा. इसके अलावा बागबेड़ा से लेकर उपायुक्त कार्यालय तक मानव श्रृंखला बनाई जाएगी. इस जलापूर्ति योजना के पूरा नहीं होने से करीब ढाई लाख लोगों को गंभीर पेजजल संकट का सामना कई वर्षों से करना पड़ा रहा है.
बागबेड़ा बृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना की नींव 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रखी थी. शुरू के तीन वर्ष तक को काम हुए पर बाद में बंद कर दिए गए.
काम शुरू कराने को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ कई बार आंदोलन भी किया पर अभी तक मिलता रहा है सिर्फ आश्वासन.
खास बात यह कि 237 करोड़ की योजना में पूर्व की कार्यपालक एजेंसी आइएलएफएस 211 करोड़ का भुगतान प्राप्त करने के बाद काम को अधर में लटका दिया. नतीजतन इस एजेंसी को विभाग की ओर से काली सूची में डालते हुए बाकी बचे काम को पूरा करने के लिए नया टेंडर नई एजेंसी को दिया गया है.
चूंकि नई एजेंसी ने भी अभी तक काम शुरू नहीं किया है. इसीलिए विभाग पर दबाव बनाने के लिए रविवार को पदयात्रा आंदोलन का शंखनाद किया गया था.
इस प्रसंग में यह बताना लाजिमी होगा कि गर्मी की आहट के साथ ही बागबेड़ा इलाके में पानी का जलस्तर नीचे जाने लगा है. क्षेत्र के लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं.
