बढ़ते गर्मी के तापमान से निपटने के लिए पूर्वी सिंहभूम ने कमर कस ली है

सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी ने गर्मी जनित बीमारियों के लिए चिकित्सा प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी किये

पूर्वी सिंहभूम जिले के सिविल सर्जन ने सभी चिकित्सा प्रभारियों को अलर्ट कर गर्मी के दौरान बढ़ते तापमान और गर्मी से होने वाली संभावित बीमारियों से निपटने के लिए पुख्ता तैयारी करने का निर्देश दिया है.

जमशेदपुर – इस वर्ष उच्च तापमान की आशंका को देखते हुए, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन झारखंड के अभियान निदेशक ने सिविल सर्जन डॉ. जुझार माझी को पत्र लिखकर गर्मी से संबंधित समस्याओं से निपटने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं।

सिविल सर्जन ने जिले के सभी चिकित्सा प्रभारियों को गर्मी के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है.

शहर का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे गर्मी से संबंधित बीमारियों में संभावित वृद्धि की चिंता बढ़ गई है।

गर्मी से संबंधित समस्याओं से निपटने की तैयारी

गर्मी से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम बनाई जाएगी और अस्पतालों में डेडिकेटेड बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी.

हीट स्ट्रोक का मुख्य कारण लंबे समय तक तेज धूप और गर्मी के संपर्क में रहने के कारण शरीर में पानी और खनिज पदार्थों की कमी होना है।

जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. असद ने इस बात पर जोर दिया कि पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर मरीजों की संख्या कम की जा सकती है.

स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं के लिए दिशानिर्देश

सभी डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को गर्मी जनित बीमारियों से निपटने के लिए उन्मुख किया जाए तथा गर्मी जनित मरीजों का आपातकालीन उपचार सुनिश्चित किया जाए।

अस्पताल की क्षमता के अनुसार गर्मी से संबंधित मरीजों के लिए डेडिकेटेड बेड की व्यवस्था की जानी चाहिए।

जिला एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर स्टाफ, बेड, आईवी फ्लूड, ओआरएस एवं अन्य दवाओं एवं उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था की जाये।

पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित कमजोर आबादी के लिए आउटरीच क्लीनिक की व्यवस्था की जानी चाहिए।

ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों में हीट स्ट्रोक के लक्षणों की जांच की जाए तथा ठंडे पेयजल की व्यवस्था एवं बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

वार्डों में पंखे या कूलर जैसे शीतलन उपायों की व्यवस्था की जानी चाहिए और प्राथमिक चिकित्सा कक्ष में एक ओआरएस कॉर्नर स्थापित किया जाना चाहिए।

पर्याप्त मात्रा में अंतःशिरा द्रव, ओआरएस पैकेट और बुखार की दवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

पीएम मोदी की कोशिशों ने योग को वैश्विक मंच तक पहुंचाया : जगदीश विश्वकर्मा

अहमदाबाद, 21 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर गुजरात भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने योगाभ्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र...

आगरा-जयपुर हाईवे पर 115.160 किलो अवैध अफीम के साथ एक तस्कर गिरफ्तार

भोपाल, 21 जून (आईएएनएस)। मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई...

अभिमत

योग को उत्सव नहीं, जीवन का हिस्सा बनाना होगा

विश्व योग दिवस पर बढ़ते उत्साह के बीच आवश्यकता इस बात की है कि योग को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जाए।

कांग्रेस के लिए झारखंड का बड़ा राजनीतिक संदेश

झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार की हार ने विपक्षी राजनीति, गठबंधन प्रबंधन और कांग्रेस नेतृत्व की रणनीति पर नई बहस को जन्म दिया है।

संपादक की पसंद

चक्रधरपुर अंडरपास से 21 जून से 23 जून तक बंद रहेगा आवागमन

चक्रधरपुर : चक्रधरपुर रेलवे पूर्वी लोको अंडर पास(एएचएस-170 ए) के निर्माण तथा मरम्मत कार्य को लेकर 21 जून से 23 जून तक अंडरपास में...

निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, बिहार सरकार के मंत्रियों ने दिए संकेत

पटना, 21 जून (आईएएनएस)। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार उनके सम्मानित नेता हैं और उनका आशीर्वाद हमेशा पार्टी...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत