पीआईएल की सुनवाई में अदालत ने बिना मानचित्र स्वीकृति वाली इमारतों को पक्षकार बनाने का दिया आदेश
मुख्य बिंदु:
हाईकोर्ट ने 535 अवैध भवनों को प्रतिवादी बनाने का आदेश दिया
मानचित्र विचलन और बिना स्वीकृति निर्माण का मामला
जमशेदपुर अक्षेस क्षेत्र की इमारतें जांच के दायरे में आईं
जमशेदपुर – झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर अक्षेस क्षेत्र में मानचित्र विचलन और बिना स्वीकृति निर्मित भवनों से जुड़े मामले में 535 भवनों को प्रतिवादी बनाने का आदेश दिया है।
यह आदेश जनहित याचिका संख्या 7877/2025 की सुनवाई के दौरान पारित किया गया। याचिका अरुण कुमार सिंह द्वारा दायर की गई है।
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश तथा न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। अदालत ने कहा कि जिन भवनों के खिलाफ अवैध निर्माण के आरोप हैं, उन्हें भी मामले में पक्षकार बनाया जाए।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि जमशेदपुर अक्षेस क्षेत्र में बड़ी संख्या में भवन मानचित्र स्वीकृति के विपरीत बनाए गए हैं। कई भवनों के निर्माण में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया।
वहीं, अदालत के समक्ष 535 भवनों की सूची भी प्रस्तुत की गई। सूची में विभिन्न क्षेत्रों के आवासीय और व्यावसायिक भवन शामिल हैं। इन भवनों को प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया गया है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि सूची में साकची, बिस्टुपुर, कदमा, सोनारी, गोलमुरी, टेल्को, मानगो, बर्मामाइंस और अन्य इलाकों के कई भवनों का उल्लेख किया गया है। दस्तावेज में पूर्व में जारी विचलन नोटिसों का भी संदर्भ दिया गया है।
इसके बाद मामले की अगली सुनवाई में संबंधित भवन स्वामियों का पक्ष भी सामने आ सकता है। अदालत के निर्देश के बाद सभी प्रतिवादियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।
उधर, यह मामला शहर में अवैध निर्माण और भवन नियमों के अनुपालन को लेकर एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रक्रिया माना जा रहा है। यदि याचिका में लगाए गए आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित भवनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
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