पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा में आईईडी का शिकार बना दंतैल, आठ दिन की जंग हारकर तोड़ा दम
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम के घने सारंडा जंगल में आईईडी विस्फोट में घायल हुए दंतैल हाथी की गुरुवार देर शाम मौत हो गई। पिछले कई दिनों से वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही थी, लेकिन गंभीर चोट और बढ़ते संक्रमण के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। हाथी की मौत से वन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों में भी शोक है।
जानकारी के मुताबिक, 4 मई को सारंडा के कोलबोंगा क्षेत्र में आईईडी विस्फोट हुआ था, जिसकी चपेट में आकर एक दंतैल हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया था। विस्फोट में उसका एक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया था। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों को मौके पर भेजा गया था। जंगल में ही हाथी का उपचार शुरू किया गया और लगातार उसकी निगरानी की जा रही थी।
पशु चिकित्सक डॉ. संजय घोलतकर ने बताया कि विस्फोट से हाथी के पैर में गहरा जख्म हो गया था, जिससे संक्रमण तेजी से फैलने लगा। टीम ने दर्द कम करने और संक्रमण रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया, लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई। आखिरकार गुरुवार शाम हाथी ने दम तोड़ दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिससे मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
सारंडा का कोलबोंगा इलाका पहले से ही नक्सल गतिविधियों और आईईडी खतरे के कारण संवेदनशील माना जाता है। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों ने जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने और अवैध विस्फोटकों को हटाने की मांग की है। वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त तेज कर दी है और मामले की जांच जारी है।
आईईडी विस्फोट में अब तक पांच हाथियों की मौत
सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी अब वन्यजीवों के लिए भी बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। वर्ष 2025 से अब तक आईईडी विस्फोट की घटनाओं में पांच हाथियों की मौत हो चुकी है। जानकारी के अनुसार, 5 जुलाई 2025 को पहली घटना सामने आई थी, जबकि 10 जुलाई 2025 को घायल दूसरे हाथी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 27 जुलाई 2025 को एक दंतैल हाथी के अवशेष बरामद हुए थे। वहीं 12 अक्टूबर 2025 को एक गर्भवती हथिनी ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था। अब 14 मई 2026 को घायल दंतैल हाथी की मौत ने एक बार फिर सारंडा में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
