जेटेट परीक्षा को लेकर सरकार उदासीन, 5 लाख अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में
9 वर्षों से लंबित है परीक्षा, अभ्यर्थियों ने पूर्वी सिंहभूम जिले के तीन विधायकों को सौंपा ज्ञापन, झारखंड में 15,000 सहायक आचार्य का पद रिक्त
जमशेदपुर : जेटेट परीक्षा आयोजित करने का मुद्दा विधानसभा में उठाने को लेकर बी.एड. और डी.एल.एड. प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने तीन विधायकों को ज्ञापन सौंपा.
पुर्वी सिंहभूम जिले के दर्जनों बी.एड.और डी.एल.एड. प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने शनिवार को जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र के विधायक मंगल कालिंदी, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय और जमशेदपुर पूर्वी की विधायक श्रीमती पूर्णिमा साहू को ज्ञापन सौंपा.
अभ्यर्थियों ने तीनों विधायक से जेटेट परीक्षा की संशोधित नियमावली को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर जेटेट परीक्षा आयोजित करने का मुद्दा विधानसभा में उठाने की मांग की ताकि जेटेट परीक्षा जल्दी हो सके.
नवकिशोर महतो ने बताया कि जेटेट परीक्षा आयोजित नहीं होने से झारखंड के 5 लाख से अधिक अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार होते जा रहा है. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के दिशा निर्देश अनुसार सीटेट परीक्षा जिस तरह वर्ष में दो बार ली जाती है उसी तरह जेटेट परीक्षा प्रत्येक वर्ष में एक या दो बार लेना आवश्यक है लेकिन 9 वर्ष बीत जाने के बाद भी झारखंड सरकार की ओर से अभी तक जेटेट परीक्षा आयोजित नहीं किया गया.
नतीजा पूरे झारखंड में 15,000 सहायक आचार्य का पद रिक्त पड़ा है.विधायक श्रीमती पूर्णिमा साहू ने सभी अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया कि उनलोगों का मांग को विधानसभा में रखेंगे क्योंकि अभ्यर्थियों की मांग जायज़ है.
ज्ञापन सौंपते वालों नवाकिशोर महतो, अश्विनी कुमार रजक, सुबोध मण्डल, दुलाल सिंह, प्रधान चंद्र महतो, देवराज महतो, अवधेश महतो , समीर महतो आदि शामिल थे.

