झारखंड विधानसभा में अब कामकाज के दौरान नहीं होगा कागज का इस्तेमाल
बजट सत्र से डिजिटल सेवा का आंशिक उपयोग, मानसून सत्र के दौरान इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा
रांची : झारखंड विधान सभा में एनईवीए सेवा केंद्र के रूप में एक नया अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने विधान सभा में एनईवीए सेवा केंद्र का विधिवत् उद्घाटन किया।
झारखंड विधानसभा में कामकाज के दौरान अब कागज का इस्तेमाल नहीं होगा। कागज रहित विधायी कामकाज को डिजिटल बनाने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए झारखंड विधानसभा परिसर में एक नेवा (राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन) सेवा केंद्र का उद्घाटन हुआ। इसके तहत सदस्यों को अब विधान सभा सत्र के दौरान देर रात विधानसभा परिसर पहुंचकर प्रश्नों को डालने सहित अन्य कागजी प्रक्रियाओं के लिए आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। साथ ही साथ विधान सभा कर्मियों को भी ड्यूटी में सहूलियत होगी।
20 राज्यों के विधान सभा में विधायी कार्य पेपरलेस
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि देश में लगभग 20 राज्यों के विधान सभा में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन के माध्यम से डिजिटल और पेपरलेस तरीके से विधायी कार्यों को सम्पन्न करने की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी विधान सभा सत्र में भी इस एप्लीकेशन के माध्यम से कई कार्य संपन्न होंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मोबाइल फोन के माध्यम से लोग बैंकिंग सहित कई ऑफिशियल कार्य भी आसानी से संपन्न करते हैं।
बेहतर समन्वय के लिए डिजिटाइजेशन जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष हो चुके हैं, धीरे-धीरे ही सही पर झारखंड अब बेहतर दिशा की ओर आगे बढ़ रहा है। अब डिजिटल माध्यम से बेहतर कम्युनिकेशन बनेगा जिससे सभी सदस्यों को काफी सुविधा होगी। पहले समन्वय के अभाव से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन के उपयोग से अब कागजों के बंडलों की ढेर में भी कमी आएगी और कार्यों में रफ्तार भी देखने को मिलेगा।
बजट सत्र में डिजिटल सेवा का आंशिक उपयोग : स्पीकर
विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्र नाथ महतो ने कहा कि आगामी बजट सत्र में डिजिटल सेवा का आंशिक रूप से उपयोग किया जाएगा और मानसून सत्र के दौरान इसे पूरी तरह से लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान डिजिटल शून्य काल के साथ डिजिटल सेवा को आंशिक रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। बजट सत्र के बाद विधानसभा सत्र में यह सेवा पूरी तरह से लागू कर दी जाएगी। इसके बाद झारखंड विधानसभा देश की कागज रहित विधानसभाओं में से एक बन जाएगी।
विधायकों के बीच टैबलेट का वितरण


मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने विधायकों को नेवा ऐप से प्रीलोडेड टैबलेट भी वितरित किए और उन्हें नयी डिजिटल प्रणाली के बेहतर उपयोग के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विधानसभा के कामकाज को डिजिटल और कागज रहित बनाने के लिए वर्षों से प्रयास किए जा रहे थे।
