जमशेदपुर: बाल्डविन फार्म एरिया हाई स्कूल, कदमा में शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को दादा-दादी दिवस “विरासत” का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास, सांस्कृतिक गरिमा एवं भावनात्मक उल्लास के साथ किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के जीवन में दादा-दादी के प्रेम, अनुभव और संस्कारों की महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्र-छात्राओं के स्वागत संबोधन से हुई, जिसके पश्चात स्वागत गीत एवं दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर बाल्डविन अकादमी सोसाइटी के अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राजीव रंजन सिन्हा, निदेशक (शैक्षणिक) एवं राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित डॉ. अशोक सिंह, सचिव श्री प्रभास कुमार, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य श्री सुनील पास्कल एवं श्री अजय कुमार, प्रशासक श्री सचिन कुमार तथा विद्यालय की प्राचार्या डॉ. सुभोष्री सरकार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. राजीव रंजन सिन्हा ने बच्चों के जीवन में दादा-दादी की भूमिका को अमूल्य बताते हुए कहा कि वे प्रेम, अनुभव और मार्गदर्शन के सशक्त स्तंभ होते हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।
श्रेष्ठ हस्तलेखन (हिंदी एवं अंग्रेज़ी), अंग्रेज़ी कविता पाठ, फास्टेस्ट रीडिंग चैलेंज एवं गणित चुनौती के विजेताओं को निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. अशोक सिंह एवं सुश्री अंकिता शर्मा द्वारा पुरस्कार प्रदान किए गए। अपने संबोधन में डॉ. सिंह ने विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी तथा दादा-दादी को बच्चों के भावनात्मक व शैक्षणिक विकास में सक्रिय सहयोग देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्री-प्राइमरी एवं प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत रंगारंग नृत्य प्रस्तुतियों एवं एक भावपूर्ण नाटिका ने सभी का मन मोह लिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने दादा-दादी के प्रति अपने प्रेम, सम्मान एवं कृतज्ञता को सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किया।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन के वरिष्ठ सदस्यों द्वारा सभी दादा-दादियों पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया गया, जिससे वातावरण भावुक एवं उल्लासपूर्ण हो गया।
कार्यक्रम का समापन प्राचार्या द्वारा धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ किया गया। यह आयोजन विद्यालय की मूल्य-आधारित शिक्षा, पारिवारिक मूल्यों एवं पीढ़ियों के बीच सुदृढ़ संबंधों को सशक्त करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

