जमशेदपुर : कुड़मी समाज द्वारा अपनी सभ्यता और संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से रविवार को डहरे टुसु परब का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर गम्हरिया से आदित्यपुर होते हुए जमशेदपुर के साकची आम बागान तक विशाल रैली निकाली गई। सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रैली की शुरुआत दिवंगत सांसद सुनील महतो के गम्हरिया स्थित समाधि स्थल से हुई।
ढोल–मांदर की थाप पर युवक-युवतियां, महिलाएं और बुजुर्ग पारंपरिक नृत्य करते हुए रैली में शामिल हुए। गम्हरिया से आदित्यपुर फुटबॉल मैदान होते हुए रैली साकची आम बागान पहुंची।
आदित्यपुर फुटबॉल मैदान के समीप आयोजित कार्यक्रम में आयोजकों में शामिल बादल महतो ने डहरे टुसु को झारखंडी सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि डहरे टुसु की शुरुआत टुसु पर्व से पूर्व होती है और नई फसल के स्वागत में लोग खेत-खलिहानों में नाच-गान करते हैं। यह परंपरा अब गांव से शहर की ओर बढ़ रही है, जो स्वागत योग्य है।
कुड़मी समाज के प्रखर नेता एवं कांड्रा निवासी विजय महतो ने कहा कि संस्कृति बचाव के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष शामिल हुए। रैली के दौरान कुरमाली संगीत और डीजे की धुन पर महिलाएं पारंपरिक नृत्य करती नजर आईं।
