बिहार के नितिन नबीन ने रचा इतिहास, भाजपा के सबसे युवा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने

नई दिल्ली: भाजपा ने बड़ा फैसला लेते बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का सबसे युवा कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के साथ ही 45 वर्षीय नितिन नबीन ने भाजपा के इतिहास में नया रिकॉर्ड कायम किया है। पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताते हुए संगठन को नई ऊर्जा और दिशा देने की जिम्मेदारी सौंपी है। नितिन नबीन 1980 में बनी भाजपा के सबसे कम उम्र के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

नितिन नबीन के नाम के ऐलान के साथ ही भाजपा ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब नेक्स्ट जनरेशन लीडरशिप तैयार कर रही है। क्योंकि वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन को संगठन और सरकार दोनों का अनुभव है। अब नितिन के नेतृत्व में पार्टी की कवायद होगी की संगठन को और मजबूत किया जाए।

नितिन नबीन को क्यों सौंपी गई भाजपा की कमान?

कायस्थ समुदाय से आने वाले नितिन भाजपा के दिवंगत दिग्गज नेता नवीन किशोर सिन्हा के बेटे हैं। कम उम्र में ही उन्होंने पिता के साथ राजनीतिक विरोधियों को पटखनी देने की कला सीख ली थी। कुछ महीने पहले हुए बिहार विधानसभा चुनाव में लगातार पांचवीं बार जीत हासिल कर विधायक बने और फिर नीतीश सरकार में मंत्री बने। नितिन नबीन भाजपा के छत्तीसगढ़ प्रभारी भी हैं। 2023 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूरा भरोसा था कि उसकी सत्ता में वापसी हो रही है लेकिन बीजेपी ने यहां बाजी पलटी और सत्ता दिलाई।

वर्तमान में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर नजर डाली जाए तो 50 से कम उम्र को कोई नेता बड़े पद पर दिखाई देता है। जबकि पिछले कुछ सालों से पिछले का फोकस युवा वोटरों पर रहा है। हालांकि भाजपा अगली पीढ़ी के कई नेताओं को बढ़ावा दे रही है। इसी कड़ी में नितिन नबीन का नाम भी शामिल हो गया है।

अटल बिहारी वाजपेयी बने थे राष्ट्रीय अध्यक्ष

6 अप्रैल 1980 को भाजपा की स्थापना हुई थी। उस समय अटल बिहारी वाजपेयी को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उस समय उनकी उम्र 55 साल की थी। अटल और आडवाणी ने भाजपा में कैडर आधारित, अनुशासित संगठन की नींव रखी। भाजपा के विस्तार और वैचारिक मजबूती में उनकी भूमिका ऐतिहासिक मानी जाती है। वाजपेयी के बाद लालकृष्ण आडवाणी ने भाजपा अध्यक्ष का पद संभाला वह 1986 से 1990, 1993 से 1998 और 2004 से 2005 तक इस पद पर बने रहे। 1986 में आडवाणी जब पहली बार अध्यक्ष बने तो उनकी उम्र करीब 59 साल थी।

1991 में मुरली मनोहर जोशी बने राष्ट्रीय अध्यक्ष

आडवाणी के बाद डॉ. मुरली मनोहर जोशी 1991 में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, दो साल बाद फिर से यह पद लालकृष्ण आडवाणी के पास आ गया। 1998 से 2000 तक कुशाभाऊ ठाकरे ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कमान संभाली। उस वक्त उनकी उम्र करीब 75 साल थी।

77 साल के बंगारू लक्ष्मण को बनाया गया था अध्यक्ष

आंध्र प्रदेश के दिग्गज नेता बंगारू लक्ष्मण को साल 2000 में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई। उस वक्त उनकी उम्र करीब 77 साल रही होगी। वह महज दो साल ही इस पद पर बने रहे। बंगारू लक्ष्मण के बाद के. जना कृष्णमूर्ति को 2001 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। जना कृष्णमूर्ति कामराज के बाद तमिलनाडु से आने वाले दूसरे व्यक्ति हैं, जिन्होंने किसी राष्ट्रीय पार्टी का नेतृत्व किया। उस वक्त उनकी भी उम्र 72 साल थी।

आंध्र प्रदेश के एक छोटे से गांव चावाटापलेम आने वाले एम वेंकैया नायडू 1 जुलाई, 2002 से 5 अक्टूबर 2004 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। उस समय उनकी उम्र महज 52 वर्ष थी। महाराष्ट्र से आने वाले नितिन गडकरी 2010 से 2013 तक बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहें। नितिन गडकरी को जब राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई तो वह महज 52 साल के थे।

2014 में अमित शाह को मिली कमान

वहीं राजनाथ सिंह को 2005 में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गई थी। वह 2005 से 2009 और 2013 से 2014 तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। वहीं वर्तमान में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को 2014 में भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया था। वह 2014 से 1017 और 2017 से 2020 तक भाजपा अध्यक्ष के पद पर रहे। 2014 में अमित शाह की उम्र 49 साल थी। वहीं अब तक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की कमान संभाल रहे जेपी नड्डा 2020 में राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए थे। वह 2020 में करीब 59 साल के थे।

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