परिणाम आधारित हो शिक्षकों का प्रशिक्षण, कक्षा-कक्ष में व्यवहार और सीखने के स्तर पर दिखना चाहिए असर, बीआरसी में मिले टिप्स

मुसाबनी प्रखंड मुख्यालय स्थित ब्लॉक रिसोर्स सेंटर में चल रहा प्रशिक्षण, उपायुक्त ने निरीक्षण के बाद दिए निर्देश

जमशेदपुर : मुसाबनी प्रखंड मुख्यालय स्थित ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (BRC) में चल रहे शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने संबोधित किया। क्षेत्र निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त आज मुसाबनी प्रखंड में थे। उन्होंने बीआरसी को शिक्षा व्यवस्था की बुनियादी संरचना का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की शुरुआत प्रशिक्षित, सजग और नवाचार और तकनीकपूर्ण शिक्षकों से होती है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि बीआरसी न केवल प्रशासनिक इकाई है, बल्कि यह विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति, शिक्षक क्षमता-विकास और सतत् मॉनिटरिंग का केंद्र है।

उन्होंने ने स्पष्ट किया कि हर शिक्षक में अद्यतन विषय-ज्ञान, नवाचार-आधारित शिक्षण और सतत् सुधार की प्रवृत्ति विकसित करना आवश्यक है। कक्षा-कक्ष शिक्षण में नवीन पद्धतियों का समावेशन, विशेषकर फाउंडेशनल लर्निंग, न्यूमेरसी, लर्निंग आउटकम-आधारित शिक्षण और गतिविधि-आधारित शिक्षा को स्कूलों में प्रभावी रूप से लागू किया जाना चाहिए। स्कूलों की शैक्षणिक प्रगति का नियमित मूल्यांकन, उपस्थिति, सीखने के स्तर और मासिक समीक्षा अनिवार्य रूप से की जाए।

उपायुक्त ने बीआरसी टीम और प्रशिक्षण दे रहे मास्टर ट्रेनर्स को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण को परिणाम-आधारित बनाया जाए । केवल सत्र आयोजित करना पर्याप्त नहीं है, प्रशिक्षण का असर कक्षा-कक्ष में व्यवहार और सीखने के स्तर पर दिखना चाहिए। शिक्षकों को प्रशिक्षण के बाद निरंतर मार्गदर्शन एवं सहायता सुनिश्चित की जाए ताकि वे वास्तविक परिस्थितियों में नई विधियों को अपनाने में सहज हो सकें। कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों पर विशेष ध्यान दें। बीआरसी द्वारा ऐसे विद्यालयों की पहचान कर त्वरित सुधार योजना तैयार करने को कहा गया।

उपायुक्त ने उपस्थित शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों के पहले प्रेरक, पहले मार्गदर्शक और भविष्य निर्माण के मूल कड़ी शिक्षक हैं। जिले में शिक्षा गुणवत्ता सुधार तभी संभव है जब शिक्षक स्वयं को निरंतर अद्यतन करें और हर बच्चे तक सीखने के अवसर समान रूप से पहुंचाएं। विद्यालयों में सीखने का वातावरण बेहतर हो । प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचे ।

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