झारखंड स्थापना दिवस के मौके पर जेकेएस कॉलेज मानगो में भाषण एवं चित्रांकन प्रतियोगिता
जमशेदपुर : झारखंड स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जेकेएस महाविद्यालय मानगो में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। एनएसएस के द्वारा झारखंड स्थापना दिवस सप्ताह के अंतर्गत भाषण एवं चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका शीर्षक क्रमशः झारखंड में सतत विकास, प्रकृति और प्रगति के बीच संतुलन और झारखंड की समृद्ध आदिवासी विरासत और संस्कृति था।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डॉक्टर मोहित कुमार ने झारखंड की स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्य की संस्कृति और जनजातीय जीवन शैली के बारे में बताया। कहा, झारखंड की विरासत एवं आदिवासी संस्कृति, कला, शिल्प, संगीत,नृत्य त्योहारों में दृष्टिगत होती है। यहां की संस्कृति में प्रकृति एवं परंपरा के गहरे संबंध, विविध जनजातीय जीवन को जीवंत कला रूपों के बारे में जाना जाता है।
वर्तमान की बात करें तो झारखंड आज ऐसी स्थिति में दृष्टिगत होता है कि उसे अपने समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने एवं आधुनिकीकरण और विकास को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदम उठाने के साथ-साथ संतुलन की आवश्यकता है। राज्य के समृद्ध भविष्य के लिए यह आवश्यक है कि असमानता को समाप्त किया जाए एवं न्याय संगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के साथ ही सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा दिया जाए।
प्रोफेसर जी राम ने झारखंड स्थापना दिवस एवं जनजातीय गौरव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन हमें झारखंड के अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य और खनिज संसाधनों का अद्वितीय सांस्कृतिक धरोहर का अनुभव कराता है। जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी संस्कृति एवं परंपरा का सम्मान करने का दिवस है। साथ ही भगवान बिरसा मुंडा जैसे महान आदिवासी नेता के अद्वितीय योगदान का भी स्मरणीय दिन है।
इतिहास विभाग की शिक्षका डॉ. मनीषा सिंह ने झारखंड की प्राकृतिक विरासत के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह राज्य हरे-भरे जंगलों झरनों, पहाड़ वन्य जीवों की प्रचुर विविधता से भरा पड़ा है। अंत में प्रोफेसर बसंती कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए झारखंड की विकसित एवं उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर एनएसएस प्रोगाम ऑफिसर डॉक्टर श्वेता श्रीवास्तव एवं प्रो लक्ष्मी मुर्मू, प्रोफेसर रूपेश रजक, प्रोफेसर शोभित भट्टाचार्य, प्रो अनीता देवगम एवं शिक्षेतर कर्मचारियों में अवधेश पांडे, मुकेश कुमार, शंकर रजक, प्रतिमा कुमारी एवं छात्र-छात्राएं साबिर अली, आयुष, नायाब तहसीन,श्रुर्ति, शगुफ्ता, आरिफा, रुखसाना उपस्थित थीं।

