बिहार में प्रथम चरण का मतदान शुरू, 18 जिलों की 121 सीटों पर दिग्गजों की साख दांव पर
- सुबह से ही बूथों पर उमड़ी भीड़, मतदाता बोले — लोकतंत्र के उत्सव में हर हाल में भागीदारी करेंगे
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण का मतदान आज सुबह 7 बजे से शुरू हो गया। राज्य के 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर मतदाता लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं। मतदाता घर से नाश्ता किए बिना सीधे बूथ पहुंचे और हंसते हुए बोले — “पहले वोट, फिर जलपान!”
चुनाव आयोग की ओर से शांतिपूर्ण मतदान के लिए व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में
प्रथम चरण में 1314 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
इस चरण की सीटें मगध, शाहाबाद, मिथिलांचल और सीमांचल के जिलों में फैली हैं। मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 2.3 करोड़ है। मतदान शाम 6 बजे तक होगा, जबकि कुछ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदान समय 5 बजे तक सीमित है।
मतदान केंद्रों पर दिखा उत्साह
सुबह से ही महिलाएं, युवा और बुजुर्ग उत्साह से वोट डालने पहुंचे।
कई जगहों पर महिलाएं बच्चों के साथ बूथों तक पहुंचीं।
कुछ केंद्रों पर लंबी कतारें लगीं, पर मतदाताओं ने अनुशासन का परिचय दिया।
कई मतदान केंद्रों पर “सेल्फी प्वाइंट” बनाए गए हैं ताकि लोग मतदान के बाद यादगार तस्वीर ले सकें।
दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
प्रथम चरण में कई सियासी दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
तेजस्वी यादव (राजद) — महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में सबसे चर्चित चेहरा।
सम्राट चौधरी (भाजपा) — एनडीए की ओर से मोर्चा संभाले हुए।
तेज प्रताप यादव (राजद) — अपने नए राजनीतिक प्रयोगों को लेकर सुर्खियों में।
कई मंत्री, पूर्व मंत्री और विधायकों की किस्मत आज ईवीएम में बंद हो जाएगी।
साख की जंग
पहले चरण का यह मतदान दोनों गठबंधनों के लिए “लिटमस टेस्ट” माना जा रहा है।
महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव नेतृत्व कर रहे हैं, जबकि
एनडीए की कमान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी के हाथों में है।
दोनों ही पक्ष शुरुआती बढ़त हासिल करने की पूरी कोशिश में हैं।
अब निगाहें दूसरे चरण पर
पहले चरण के बाद अगला मतदान 11 नवंबर को होगा, जिसमें शेष 122 सीटों पर वोटिंग होगी।
मतगणना 14 नवंबर को होगी।
पहले चरण के नतीजे से राज्य की सियासी दिशा का प्रारंभिक संकेत मिलने की संभावना है।
