जमशेदपुर की धरा पर उतरेंगे साहित्य, पत्रकारिता, संगीत और ओटीटी के सितारे, 20–21 दिसंबर को होटल रमाडा, बिष्टुपुर में होगा ‘जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025’

जमशेदपुर : झारखंड की सांस्कृतिक राजधानी जमशेदपुर इस सर्द दिसंबर में शब्दों, सुरों और विचारों का संगम बनने जा रही है. विद्यादीप फाउंडेशन द्वारा आयोजित “जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025” आगामी 20 और 21 दिसंबर को होटल रमाडा, बिष्टुपुर में संपन्न होगा।

यह महोत्सव झारखंड प्रदेश की साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का भव्य उत्सव बनने जा रहा है। यह आयोजन केवल शब्दों का नहीं, बल्कि संवाद, संवेदना और सृजन का संगम होगा — जहाँ साहित्यकार, चिंतक, पत्रकार, कलाकार और समाजसेवी मिलकर “नए भारत की नई विचारधारा” को अभिव्यक्त करेंगे।

साहित्य से समाज तक – विविधता में एकता का उत्सव

दो दिवसीय इस महोत्सव में देश के विभिन्न प्रांतों से 100 से अधिक लेखक, विचारक, पद्म अलंकृत विभूतियाँ, युवा नवप्रवर्तक एवं सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे।

लगभग 20 से अधिक सत्रों, सांस्कृतिक संध्याओं, कविता-पाठ, युवा संवाद, बुक लॉन्च और सम्मान समारोहों के साथ यह आयोजन स्मरणीय बन जाएगा।

सांस्कृतिक संध्या में संगीत और नृत्य का जादू

पहले दिन 20 दिसंबर को संध्या 7 बजे से देश के विख्यात लोकगायक राहगीर अपनी हृदयस्पर्शी प्रस्तुति देंगे, उनका लोकप्रिय गीत “कच्चा घड़ा हूँ मैं” जमशेदपुर की ठंडी शाम को रूमानी बना देगा।

दूसरे दिन 21 दिसंबर की संध्या में पद्मश्री गुलाबो सपेरा एंड टीम की कालबेलिया नृत्य की प्रस्तुति होगी — जहाँ उनके परिवार की तीन पीढ़ियाँ एक मंच पर थिरकेंगी।

लेखकों को मिलेगा ‘शब्द शिल्पी सम्मान’

उद्घाटन सत्र में उन लेखकों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने भारतीय साहित्य को नई दिशा दी है। प्रत्येक चयनित लेखक को ₹1,00,000 की सम्मान राशि एवं स्मृति चिन्ह भेंट किया जाएगा।

हिंदी श्रेणी में सम्मानित होंगे —

हरिवंश (नई दिल्ली) – पुस्तक: “झारखंड — एक चुनौती भी, अवसर भी”

व्योमेश शुक्ल (वाराणसी) – पुस्तक: “आग और पानी”

बाबुषा कोहली (जबलपुर) – पुस्तक: “लौ”

डिजिटल साहित्य हेतु –

डॉ. अंजुम शर्मा (नई दिल्ली) – ‘संगत’ यूट्यूब शृंखला के लिए

अंग्रेजी श्रेणी में —

डॉ. रवि दत्त बाजपेयी (रांची) एवं प्रो. स्वाति पाराशर (स्वीडन) – कामिल बुल्के : रामकथा के जेसुइट प्रवक्ता

बी. एल. मित्तल (कोलकाता) – क्रैकिंग द मारवाड़ी कोड

डॉ. मयंक मुरारी (रांची) एवं अचल प्रियदर्शी – ट्राइबल ब्रेवहार्ट्स

पुस्तकों के चयन में जमशेदपुर के वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्र, भवानंद झा, यू. एन. पाठक, गणेश मेहता, जयप्रकाश राय, ब्रजभूषण सिंह, उदित अग्रवाल एवं आयोजन समिति की ओर से संदीप मुरारका एवं संतोष खेतान निर्णायक की भूमिका में रहे.

प्रथम दिवस 20 दिसंबर के सत्रों के वक्ता होंगे

इंडिया टुडे के सह संपादक डॉ. अंजुम शर्मा से जमशेदपुर के वरिष्ठ पत्रकार संजय मिश्र डिजिटल साहित्य पर चर्चा करेंगे।

सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग पर आयोजित सत्र में पुणे से आ रहे साहित्य अकादमी सम्मानित विख्यात हिंदी साहित्यकार डॉ. दामोदर खड़से से केंद्र सरकार के राजस्व विभाग के कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी निधि कुमार झा वार्ता करेंगे।

दो धारदार व्यंग्यकार एक साथ मंच पर होंगे – व्यंग्य यात्रा के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय एवं इंदौर से साहबनामा के लेखक मुकेश नेमा, जिनसे मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. पांखुरी वक्त जोशी बात करेंगी. पूर्वोत्तर राज्यों से आ रहे कलमकारों मोर्जुम लोयी, डॉ तादाम रुती एवं मिलन रानी जमाटिया से हिंदी और पूर्वोत्तर की भाषाओं में भिन्नता और एकता पर संवाद होगा. सिंगापुर में रहने वाले अप्रवासी लेखक विनोद दूबे व्यापार, निवेश और परंपरा पर कोलकाता सस्ता सुंदर के प्रबंध निदेशक बनवारी लाल मित्तल के साथ वार्तालाप करेंगे।

मुंबई फिल्मी दुनिया से कलाकार राजेश जैस और दिल्ली स्कूल ऑफ पत्रकारिता की डॉ भारती गोरे से ग्वालियर आईटीएम यूनिवर्सिटी के डॉ मनीष जैशल चर्चा करेंगे. कैनवास पर बात करेंगे देश के महान चित्रकार मनीष पुष्कले और पद्मश्री भज्जू श्याम के साथ यायावरी के संस्थापक वैभव मणि त्रिपाठी.

संध्या 6 बजे चर्चित पुस्तक झारखंड चुनौती भी, अवसर भी के लिए राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश को सम्मानित किया जाएगा. सम्मान समारोह के उपरांत वरिष्ठ पत्रकार हरिवंश अपने पत्रकारिता, जनसेवा और संसद जीवन के अनुभव साझा करेंगे.

पद्म अलंकृत विभूतियों का होगा सम्मान

राज्य सभा के उप सभापति हरिवंश के करकमलों से उन विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनको पद्म सम्मान प्राप्त हुए हैं. भोपाल के भज्जू श्याम, राजस्थान के लक्ष्मण सिंह, सुंडाराम वर्मा, उत्तराखंड के अनिल प्रकाश जोशी, ओडिशा की डॉ. दमयंती बेसरा, झारखंड से जमुना टुडू, चामी मुर्मू, जानुम सिंह सोय, प्रेमलता अग्रवाल, दीपिका कुमारी एवं छुटनी देवी.

दूसरे दिन की प्रमुख सत्र-श्रृंखला

दूसरे दिन की शुरुआत गांधी, अम्बेडकर और लोहिया से होगी. जिस परिचर्चा में शशि कुमार झा अव्यक्त एवं अभिषेक रंजन सिंह भाग लेंगे. उसके बाद पर्यावरण के मुद्दे पर जल जंगल जमीन की चर्चा करेंगे उत्तर प्रदेश के पर्यावरण निदेशालय के विशेषज्ञ डॉ शिव ओम सिंह, इस सत्र के वक्ता के रुप में उत्तराखंड से पद्म भूषण डॉ अनिल प्रकाश जोशी, राजस्थान से पद्मश्री सुंडा राम वर्मा एवं पद्मश्री लक्ष्मण सिंह भाग लेंगे. दर्शन जैसे गंभीर विषय पर नई दिल्ली के प्रख्यात दार्शनिक आचार्य डॉ अरुण प्रकाश से आध्यात्मिक लेखक मयंक मुरारी वार्ता करेंगे.

पत्रकारिता के बदलते मायने पर भारतीय जन संचार संस्थान नई दिल्ली के प्रो. गोविंद सिंह एवं एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार प्रियदर्शन से संजय कृष्णा वार्तालाप करेंगे. कार्टून की ताकत पर नई दिल्ली से मनोज सिन्हा और मुंबई से सुखवंत से रांची की कलमकार रश्मि शर्मा बात करेंगी।

हिंदी कविता और गजल पर इंदौर के अंबर पांडेय एवं ग्वालियर के मदन मोहन दानिश अपने उदगार व्यक्त करेंगे। धर्म राष्ट्र और साहित्य जैसे गंभीर विषय पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीन एवं विद्वान प्रोफेसर रंजन त्रिपाठी को हम सुनेंगे। आदिवासी संघर्ष और झारखंड पर सभ्यता अध्ययन केंद्र नई दिल्ली के रविशंकर एवं वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा अपने विचार साझा करेंगे।

ओटीटी और सिनेमा जगत के सितारे भी शामिल

लोकप्रिय ‘पंचायत’ वेब सीरीज़ के विधायक जी पंकज झा, फिल्म अभिनेता राजेश जैस, बिट्टू की मम्मी के रुप में ख्याति प्राप्त करने वाली अभिनेत्री सुनीता राजवार और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक अभिषेक चौबे विशेष सत्र में भाग लेंगे, जहाँ रंगमंच विशेषज्ञ डॉ. एम. के. पांडेय उनसे संवाद करेंगे।

पर्यावरण उत्कृष्टता सम्मान

नदी पारिस्थितिकी एवं पर्यावरणीय साहित्य में असाधारण योगदान हेतु वरिष्ठ पर्यावरणविद् डॉ. दिनेश कुमार मिश्र को “विद्यादीप जल-संस्कृति सम्मान” प्रदान किया जाएगा.

यह सम्मान खूंटी के भूतपूर्व सैनिक और जनसेवी सोमा मुंडा के करकमलों से दिया जाएगा.

जल थल मल के लेखक सह पत्रकार सोपान जोशी सभ्यता और पर्यावरण के अंतर्संबंधों पर सत्र लेंगे, जिसमें रांची के वरिष्ठ अधिवक्ता रश्मि कात्यायन भी वक्ता होंगे. सत्रों के बीच देश के विख्यात लेखक दिव्य प्रकाश दूबे हिंदीनामा के संस्थापक अंकुश कुमार सिंह से कहानी कहने की कला पर बात करेंगे।

कालबेलिया नृत्य संग होगा समापन

राजस्थान की विश्वविख्यात नृत्यांगना पद्मश्री गुलाबो सपेरा अपनी टीम के साथ कालबेलिया नृत्य की सम्मोहक प्रस्तुति देंगी। इसी मोहक प्रस्तुति के साथ जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2025 का भव्य समापन होगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में संदीप मुरारका, नीरज पाठक, माधव खंडेलवाल, अजय भालोटिया, मंटू अग्रवाल, कमल किशोर अग्रवाल, आशीष गुप्ता, आकाश मोदी, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, रोहित अग्रवाल, लाला मूनका, राहुल अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, मोहित चौधरी इत्यादि सदस्य सक्रिय हैं।

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