जमशेदपुर: प्राकृतिक सौंदर्य और पेयजल का प्रमुख स्रोत डिमना लेक, हाल ही में पूजा विसर्जन के कारण हुए प्रदूषण से त्रस्त था। लेक में बड़ी संख्या में विसर्जित मूर्तियों और पूजा सामग्री के जमाव के बीच, ‘जय हो’ संस्था ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व (Social Responsibility) का परिचय देते हुए, पूर्व सैनिक सेवा परिषद और गुरु फाउंडेशन (ट्रस्ट) के सहयोग से एक व्यापक सफाई अभियान चलाया। रविवार 12 अक्टूबर को इस अभियान का समापन हुआ।
युवाओं ने संभाला मोर्चा
सफाई अभियान में युवाओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। टीम के सदस्यों ने घंटों तक पानी में उतरकर उन सभी छोटी-बड़ी मूर्तियों को बाहर निकाला, जिनका विसर्जन हाल के दिनों में किया गया था।
यह काम अत्यंत चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि कई मूर्तियाँ पानी के अंदर दलदल में फंस गई थीं।
’जय हो’ संस्था के सूत्रधार और जमशेदपुर के सामाजिक जीवन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सुशील कुमार सिंह ने बताया कि बताया कि लेक की यह स्थिति देखकर हमें लगा कि सिर्फ बातें करने से काम नहीं चलेगा।
हमने पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अनुभवी सदस्यों के साथ मिलकर यह बीड़ा उठाया। लेक से निकाली गई हज़ारों मूर्तियों को अब पर्यावरण के अनुकूल तरीके से सुरक्षित स्थान पर निस्तारित किया जा रहा है, ताकि लेक का पानी और जलीय जीवन सुरक्षित रहे।
इस कार्य में टाटा स्टील और प्रशासन का भी सहयोग मिलने की अपेक्षा व उम्मीद है।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद और गुरु फाउंडेशन के एक सदस्य ने इस प्रयास पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि देश सेवा के बाद अब समाज और पर्यावरण की सेवा हमारा परम कर्तव्य है।
हमने अपनी टीम के साथ मिलकर युवाओं का मार्गदर्शन किया और लेक को साफ करने में सहयोग दिया।
यह सिर्फ सफाई नहीं है, यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक संदेश है।”
आगामी छठ पर्व के लिए विशेष अपील
सफाई अभियान पूरा होने के बाद, ‘जय हो’ और पूर्व सैनिक सेवा परिषद की संयुक्त टीम ने शहरवासियों से एक भावुक अपील की है।
चूंकि अब जल्द ही आस्था का महापर्व छठ आने वाला है, जिसमें श्रद्धालु लेक के घाटों पर अर्घ्य देते हैं, इसलिए संस्थाओं ने लोगों से अपनी जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया है।
टीम ने कहा कि हमने अपनी जिम्मेदारी निभाई है और लेक को स्वच्छ बनाया है। अब छठ महापर्व के दौरान यह सुनिश्चित करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है कि लेक और उसके घाट साफ-सुथरे बने रहें।
छठ पूजा के दौरान किसी भी तरह की सामग्री को पानी में न डालें। पर्यावरण की रक्षा करना और डिमना लेक की सुंदरता को बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है।
हर दिन हर दिन सुबह में लेख की सैर पर जाने वाले एमके पाठक ने कहा कि इस सफल अभियान ने साबित कर दिया है कि स्थानीय संस्थाएं और नागरिक मिलकर पर्यावरण संरक्षण के बड़े लक्ष्य को हासिल कर सकते हैं।
यह सफाई अभियान निश्चित रूप से अन्य शहरों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत बनेगा। इस पहल ने न सिर्फ लेक के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाया, बल्कि समाज के सामने एक मिसाल भी पेश की है।
