== विधायक व निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाज़ी
== प्रदर्शन में महिलाओं और युवाओं ने जताया आक्रोश
चाईबासा/क्योंझर :झारखंड और ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्र में जंगली हाथियों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है।
चाईबासा और ओडिशा के क्योंझर ज़िले के जंगलों से लगे गांवों में पिछले कई दिनों से 29 हाथियों का झुंड आतंक मचाए हुए है। इस झुंड ने शनिवार की शाम एक और निर्दोष युवक की जान ले ली।
घटना नोवामुंडी थाना क्षेत्र के जामपानी इलाके की है। शनिवार शाम लगभग 7 बजे 19 वर्षीय दीपेश नायक अपनी भाभी के साथ बाइक से गांव लौट रहा था, तभी तितरबिल-नारायणपुर चौक के पास अचानक हाथियों के झुंड से आमना-सामना हो गया।
इस दौरान एक हाथी ने दीपेश को अपनी सूंड से उठाकर ज़मीन पर पटक दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
वहीं उसकी भाभी किसी तरह बाइक से गिरकर पास ही एक पानी की पाइप में छिप गई, जिससे उसकी जान बच गई।
सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग तथा विलायपदा पुलिस चौकी को सूचित किया। पुलिस और वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चंपुआ अस्पताल भेज दिया गया।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दीपेश रुगड़ी गुवाली में काम करता था और छुट्टियों में अपने घर आया हुआ था। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है।
गौरतलब है कि यह हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से इस सीमावर्ती इलाके में घूम रहा है और इससे पहले भी दो लोगों की जान जा चुकी है।
हाथियों ने खेतों में घुसकर किसानों की धान की खड़ी फसल को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
ग्रामीणों ने बताया कि रात होते ही हाथियों का झुंड गांवों की ओर रुख करता है, जिससे लोग भयभीत हैं और शाम होते ही अपने घरों में बंद हो जाते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार वन विभाग को सूचित किया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने और लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं।
