रांची/जमशेदपुर: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संगठनात्मक गतिविधियां इन दिनों पूरे शबाब पर हैं। पूर्वी सिंहभूम सहित राज्य के कई जिलों में जिला अध्यक्षों की नई नियुक्तियों के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
इसी क्रम में शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण आयोजन रांची स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में हुआ, जहां झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष व मानगो निवासी जितेंद्र सिंह को पार्टी की सदस्यता दिलाकर औपचारिक रूप से कांग्रेस में पुनः शामिल कराया।
प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी का पट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया और साथ ही बाबा बैद्यनाथ धाम का प्रसाद खिलाकर मिठाई से सभी कार्यकर्ताओं का मुंह मीठा कराते हुए आशीर्वाद भी दिया। इस दौरान माहौल बेहद उत्साहपूर्ण और भावनात्मक रहा।
कांग्रेस की ‘घर वापसी’ पर जताया आभार
पार्टी में पुनः शामिल होने के बाद जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व का आभार प्रकट करते हुए विशेष रूप से प्रदेश अध्यक्ष द्वारा परविंदर सिंह को पूर्वी सिंहभूम का जिला अध्यक्ष बनाए जाने को एक “ऐतिहासिक फैसला” बताया।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय पार्टी में कार्यकर्ताओं की अहमियत और संगठनात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे निचले स्तर तक कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने का काम होगा।
बताते चलें कि पिछले विधानसभा चुनाव में जितेंद्र सिंह ने पार्टी लाइन से पड़े जाकर ताल ठोकी थी इसके बाद में कांग्रेस से अलग हो गए थे।
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने इस अवसर पर कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की सबसे पुरानी और सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी है। यहां कार्यकर्ताओं को धैर्य रखने की ज़रूरत है।
समय आने पर पार्टी हर उस सच्चे कार्यकर्ता का सम्मान करना जानती है जिसने कठिन समय में भी पार्टी का साथ नहीं छोड़ा।”
जितेंद्र सिंह को पुनः शामिल कराने में इन नेताओं की रही अहम भूमिका
जितेंद्र सिंह की पार्टी में पुनः वापसी में प्रदेश सचिव के.के. शुक्ला, भारत यात्री अमरजीत नाथ मिश्रा और जिला महासचिव उदय सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। तीनों नेताओं ने लगातार संवाद और प्रयासों से इस वापसी को संभव बनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत में जितेंद्र सिंह, अमरजीत मिश्रा और उदय सिंह ने प्रदेश अध्यक्ष को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया।
पूरे झारखंड में कांग्रेस संगठन की सक्रियता तेज
ज्ञात हो कि बीते कुछ सप्ताहों में कांग्रेस ने पूर्वी सिंहभूम, पलामू, सिमडेगा, धनबाद और गिरिडीह सहित कई जिलों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति की है। इससे प्रदेश कांग्रेस के अंदर न सिर्फ नई स्फूर्ति देखने को मिल रही है बल्कि विपक्षी दलों में भी हलचल है। संगठन में इन बदलावों को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि प्रदेश कांग्रेस अब जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने में जुट गई है और हर जिले में सक्रिय, अनुभवी व समर्पित कार्यकर्ताओं को नेतृत्व सौंपने की रणनीति पर काम कर रही है।
