==तीन घंटे का अखंड कीर्तन, नारायण सेवा, कंबल व पौधा वितरण कर दिया सेवा और भक्ति का संदेश
जमशेदपुर | शहर के गदड़ा स्थित आनंद मार्ग जागृति परिसर में रविवार को आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य कड़ी रही — “बाबा नाम केवलम्” का 3 घंटे का अखंड सामूहिक कीर्तन, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्ति, ध्यान और सात्विक ऊर्जा के रंग में सराबोर कर दिया।
इसके साथ ही नारायण सेवा, 100 कंबलों का वितरण और निःशुल्क पौधा वितरण जैसे सेवा कार्यों ने आयोजन को समाजसेवा और पर्यावरण चेतना से भी जोड़ा।
तामसिक-राजसिक प्रवृत्तियों को संतुलित करने का प्रयास
कार्यक्रम के पश्चात आचार्य ब्रजगोपालानंद अवधूत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समाज में तामसिक और राजसिक भावनाएं प्रबल होती जा रही हैं। भौतिकता की ओर झुकाव से मनुष्य आध्यात्मिक संतुलन खो रहा है।
ऐसे समय में ‘बाबा नाम केवलम्’ जैसे कीर्तन आयोजन, एक सात्विक ऊर्जा का निर्माण करते हैं, जिससे व्यक्ति और समाज दोनों का कल्याण होता है।
बाबा नाम केवलम्” — कीर्तन, भक्ति और मुक्ति का सेतु
कीर्तन के महत्व को रेखांकित करते हुए सुनील आनंद ने कहा कि बाबा नाम केवलम्’ केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि रागात्मक भक्ति का जीवंत प्रवाह है। यह गोप भाव, सख्य भाव और अद्वैत चेतना का समागम है।
उन्होंने कहा कि कीर्तन तनाव, चिंता और मानसिक अशांति से मुक्ति दिलाता है. आंतरिक शक्ति को जागृत करता है. वैराग्य और संयम की भावना उत्पन्न करता है.व्यक्ति को ईश्वर से गहरे संबंध में जोड़ता है.और अंततः, मन-शरीर-आत्मा के त्रिवेणी संगम का अनुभव कराता है।
सेवा के साथ सामाजिक संदेश
इस कार्यक्रम के माध्यम से संगठन ने समाज को यह संदेश देने की कोशिश की कि
धार्मिक साधना, भक्ति और सेवा को एकसाथ जोड़कर ही जीवन को पूर्णता और समरसता की ओर ले जाया जा सकता है।
इस अवसर पर आदर्शवादियों और भक्तों को संबोधित करते हुए कहा गया कि कीर्तन आत्मिक स्वतंत्रता की कुंजी है, यह हमें जोड़ता है — ईश्वर से, समाज से और स्वयं से।”
उपस्थित प्रमुख सदस्य
कार्यक्रम में घनश्याम भिरभरिया, सरबजीत सिंह टॉबी, कौशिक प्रसाद, विक्रम सिंह, सौरव चटर्जी, रंजीत कुमार, विभास मजूमदार, बलबीर मंडल, प्रिंस सिंह, समर झा, अमित पौदार, लख्खिकांत घोष, सूरज चौबे, सागर चौबे, बिट्टू मुखी, मनोज हलदर, आकाश गोप, धीरज सिंह, चंदन, सौरव रजक समेत कई सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
