धनबाद के निरसा में टाटा पावर की एमपीएल और लोक भारती ने शुरू किया व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, 300 ग्रामीण युवाओं को मिलेगा 100 प्रतिशत निःशुल्क प्रशिक्षण
–ग्रामीण प्रतिभाओं को तकनीकी दक्षता देकर बनाएंगे आत्मनिर्भर, स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन को मिलेगा बल
जमशेदपुर: टाटा पावर की सहायक कंपनी मैथन पावर लिमिटेड (एमपीएल) ने लोक भारती एजुकेशन सोसाइटी के साथ साझेदारी में धनबाद जिले के निरसा क्षेत्र में एक अत्याधुनिक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र की शुरुआत की है।

इस पहल का उद्देश्य 30 से अधिक गांवों के 300 ग्रामीण युवाओं को 100 प्रतिशत निःशुल्क तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें रोज़गार योग्य कौशल से लैस करना है।
यह पहल भारत सरकार के स्किल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत मिशन के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को सम्मानजनक नौकरियों और आत्मनिर्भर भविष्य के लिए तैयार करना है।
जमीनी स्तर पर कौशल विकास की पहल
नया प्रशिक्षण केंद्र सहायक इलेक्ट्रीशियन, घरेलू उपकरण तकनीशियन और डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे उद्योग-संबंधित पाठ्यक्रमों में निःशुल्क प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
प्रशिक्षण के लिए आधुनिक लैब, इंडस्ट्री-ग्रेड टूलकिट और योग्य फैकल्टी उपलब्ध कराई गई है। साथ ही प्रतिभागियों को सॉफ्ट स्किल्स, कम्युनिकेशन और अनुशासन में भी मार्गदर्शन दिया जाएगा ताकि वे वर्कप्लेस के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।
उद्घाटन समारोह में कंपनी अधिकारियों की मौजूदगी
प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन एमपीएल के सीएफओ अंशुमान चक्रवर्ती, सीएंडएम हेड जयंश्री चौधरी, सीएसआर हेड मृत्युंजय रे और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया। यह केंद्र न केवल ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाएगा, बल्कि सामाजिक समानता और समावेशी विकास को भी बढ़ावा देगा।
अधिकारियों की राय
अंशुमान चक्रवर्ती, CFO, एमपीएल ने कहा कि यह केंद्र युवाओं को व्यावहारिक और प्रासंगिक कौशल प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे अपने समुदायों में सकारात्मक बदलाव ला सकें। यह पहल आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में हमारा मजबूत कदम है।”
मृत्युंजय रे, हेड – CSR, एमपीएल ने कहा कि हमारा प्रयास है कि ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं को उच्च-गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देकर उन्हें रोज़गार के अवसरों से जोड़ा जाए। यह प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी आर्थिक बाधा के बिना उपलब्ध है।”
दिल्ली, एनसीआर सहित अन्य राज्यों में रोज़गार के अवसर
इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होने वाले युवाओं को दिल्ली, नोएडा, एनसीआर सहित विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। यह पहल स्थानीय प्रतिभा को राष्ट्रीय कार्यबल में जोड़ने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है।
समाज के वंचित वर्गों के लिए विशेष अवसर
टाटा पावर की यह पहल उसकी सकारात्मक कार्रवाई नीति (Affirmative Action Policy) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना है। यह प्रशिक्षण उन्हें तकनीकी दक्षता, आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन के लिए तैयार करेगा।
टीपीएसडीआई के साथ राष्ट्रव्यापी कौशल विकास का हिस्सा
यह पहल टाटा पावर के स्किल डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट (TPSDI) द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी कौशल विकास कार्यक्रमों का हिस्सा भी है, जिसमें अब तक 3.4 लाख से अधिक युवाओं को स्वच्छ ऊर्जा और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जा चुका है। अकेले 2024-25 में, 363 तकनीशियनों को रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में प्रशिक्षित किया गया है।
जानकारों का मानना है कि निरसा का यह व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र टाटा पावर की ग्रामीण विकास और कौशल सशक्तिकरण की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह न केवल ग्रामीण युवाओं के जीवन में बदलाव लाएगा, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी अहम योगदान देगा।
