राखा माइंस में 24 वर्षों बाद शुरू होगा खनन कार्य

झारखंड सरकार ने किया राखा खनन लीज डीड का निष्पादन

राज्य सरकार की ओर से उपायुक्त ने किया विलेख पर हस्ताक्षर

जमशेदपुर : झारखंड सरकार ने औपचारिक रूप से राखा खनन पट्टा विलेख (लीज डीड) का निष्पादन किया, जो भारत के खनन उद्योग के लिए एक मील का पत्थर है। इस विलेख से पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित राखा कॉपर माइंस के बहुप्रतीक्षित पुनः उद्घाटन और विस्तार का मार्ग प्रशस्त हुआ है। यह पट्टा विलेख पूर्वी सिंहभूम जिला के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी द्वारा सरकार की ओर से हस्ताक्षरित किया गया । हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की ओर से इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स के कार्यकारी निदेशक-सह-यूनिट प्रमुख ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किया। मौके पर अपर उपायुक्त भगीरथ प्रसाद और जिला खनन पदाधिकारी श्री सतीश कुमार नायक उपस्थित थे। राखा खनन पट्टा को 20 वर्षों के लिए आगे बढ़ाया गया है, जो क्षेत्र में तांबे के खनन के पुनरुद्धार की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि राखा खनन पट्टा विलेख का सफल निष्पादन झारखंड सरकार की नीति एवं खनन को बढ़ावा देने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करता है और क्षेत्र की जनता के लिए नए अवसर प्रस्तुत करता है। यह परियोजना पूर्वी सिंहभूम जिले में समावेशी विकास और सतत प्रगति को गति प्रदान करेगी यह उपलब्धि झारखंड सरकार के खनन और संबद्ध क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर निरंतर ध्यान को रेखांकित करती है, जिससे भारत की खनिज अर्थव्यवस्था में राज्य की नेतृत्वकारी भूमिका और मजबूत होगी।

एचसीएल के कार्यकारी निदेशक-सह-यूनिट प्रमुख ने झारखंड सरकार और जिला प्रशासन का आभार जताया। हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड भारत सरकार का एक उपक्रम है और देश का एकमात्र ऊर्ध्वाधर रूप से एकीकृत कॉपर उत्पादक है। इसकी गतिविधियों में खनन, परिशोधन, स्मेल्टिंग, रिफाइनिंग और कास्टिंग शामिल हैं। घाटशिला स्थित इंडियन कॉपर कॉम्प्लेक्स, जिसमें राखा खदान भी शामिल है।

24 वर्षों बाद पुनः खनन कार्य शुरू होगा – 2001 से बंद पड़े राखा खदान का संचालन फिर से शुरू होगा। एचसीएल से प्रतिवर्ष लगभग 30 लाख टन अयस्क के उत्पादन की उम्मीद है, जबकि एक नया कंसंट्रेटर संयंत्र विकसित किया जाएगा, जिसकी क्षमता प्रतिवर्ष 30 लाख टन तक होगी। इस परियोजना से लगभग 10,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय रोज़गार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा । यह देश की तांबे के उत्पादन में आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करेगा ।

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

कांड्रा स्टेशन की बदलेगी तस्वीर, प्लेटफॉर्म विस्तार और लिफ्ट लगाने की योजना, डीआरएम ने किया निरीक्षण

गम्हरिया : सरायकेला खरसावां जिले के कांड्रा स्टेशन की तस्वीर बदलने वाली है। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा यह स्टेशन। बुधवार को दक्षिण पूर्व रेलवे...

कैबिनेट ने दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रक और बसों को बदलने के लिए 9,585 करोड़ रुपए की ग्रीन योजना को दी मंजूरी

नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने और...

अभिमत

विश्वसनीय पत्रकारिता के पुरोधा राधेश्याम अग्रवाल : जिनकी विरासत आज भी रोशन कर रही है मीडिया का मार्ग

अग्रवाल साहब ने केवल एक समाचार पत्र की स्थापना नहीं की, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आगे चलकर पूरे मीडिया उद्योग का विस्तार हुआ।

जमशेदपुर से पर्यावरण चेतना का 22-23 मई को होगा नया शंखनाद

बसंत कुमार सिंह ​सभ्यता के विकास और आधुनिकता की अंधी दौड़ में हमने जिन दो प्राकृतिक संपदाओं को सबसे अधिक दांव पर लगाया है, वे...

ज़िद

संपादक की पसंद

कोलकाता में अदा की गई ईद-उल-अजहा की नमाज, मेयर फिरहाद हकीम बोले- मांगी खुशहाली की दुआ

कोलकाता, 28 मई (आईएएनएस)। ईद-उल-अजहा के मौके पर टीएमसी नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि...

बंगाल में सोमवार को मंत्रिमंडल का विस्तार, सुबह 11 बजे 35 मंत्री लेंगे शपथ

कोलकाता, 31 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन का दूसरा चरण सोमवार को पूरा होने जा रहा है। सोमवार को मंत्रिमंडल...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत