तय समय पर योजनाएं पूर्ण नहीं हुई तो तय होगी पदाधिकारियों की जवाबदेही : उपायुक्त

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में अनाबद्ध निधि, डीएमएफटी, नीति आयोग फंड, एमपी/ एमएलए लैड से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा में पाया गया कि कुछ योजनाएं निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी पूर्ण नहीं हुई हैं जिसपर उपायुक्त ने अंसतोष व्यक्त किया। उन्होंने पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना स्वीकृति के समय ही आवश्यक अवधि का यथोचित आकलन करते हुए पूर्णता की तिथि निर्धारित की जाए, अनावश्यक विलंब की स्थिति में संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी ।

बैठक में पुल-पुलिया, पहुंच पथ, पीसीसी रोड, पेयजल स्रोतों से संबंधित योजनाएं, स्कूल में अतिरिक्त कमरा निर्माण आदि में प्रगति की समीक्षा कर तय समय पर योजनाओं को पूर्ण करने, कार्य नहीं होने की स्थिति में तकनीकी जांच रिपोर्ट समर्पित करने तथा नए तरीके से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया । कार्य में शिथिलता, लापरवाही एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं करने वाले संवेदकों के विरूद्ध नियम संगत कार्रवाई का निर्देश दिया गया । उपायुक्त ने कहा कि समय पर कार्य पूर्ण कराना अभियंत्रण विभागों की जिम्मेदारी है, देरी पर जवाबदेही, कार्यपालक अभियंता नियमित अंतराल पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर भौतिक स्थिति की जांच करें । जिला योजना अनाबद्ध निधि अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में कुल 78 योजनाएं ली गई जिनमें 76 पूर्ण, 2 अपूर्ण हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में स्वीकृत कुल 118 योजनाओं में 57 पूर्ण, 61 अपूर्ण तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कुल 58 योजना में 01 पूर्ण, 57 अपूर्ण है।

नीति आयोग से प्राप्त राशि के अंतर्गत 8 योजनाएं स्वीकृत हैं जिनमें मॉडल आंगनबाड़ी केन्द्र, आंगनबाड़ी केन्द्रों का मरम्मती, साल पत्ता प्लेट और कप उत्पादन यूनिट, ट्रांसजेंडर और महिलाओं के लिए फूड कार्ट, लाइब्रेरी सह रिसोर्स केन्द्र, सरकारी स्कूलों में रसोई निर्माण की योजनाएं शामिल है। डीएमएफटी मद अंतर्गत स्वीकृत कुल 421 योजनाओं में 324 पूर्ण एवं 90 अपूर्ण हैं, 7 योजनाएं विभिन्न तकनीकी कारणों से रद्द किया गया है। अपूर्ण योजनाओं में तेजी लाते हुए ससमय पूर्ण कराने का निर्देश संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को दिया गया ।

एमपी लैड से स्वीकृत 131 योजना में 102 पूर्ण हो गया है, वहीं एमएलए लैड में वित्तीय वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 508 योजनाओं में 405 पूर्ण, 2024-25 में स्वीकृत 579 योजनाओं में 409 पूर्ण तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 18 योजनाएं स्वीकृत हैं। एमपी-एमएलए लैड की समीक्षा में सभी कार्यदायी विभागों को निर्देशित किया गया कि अपूर्ण योजनाओं के कार्य में अपेक्षित प्रगति लाएं । माननीय जनप्रतिनिधियों द्वारा अनुशंसित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करायें एवं पारदर्शिता के साथ कार्य संपादित हो। नियम संगत जिन कार्यों को करना है उनमें विलंब नहीं करें, सकारत्मक तरीके से विकास योजनाओं को धरातल पर उतारें ।

बैठक में उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान, निदेशक एनईपी संतोष गर्ग, सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, प्रभारी जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डेविड बलिहार, प्रभारी जिला योजना पदाधिकारी सुदीप्त राज, एनआरईपी, विशेष प्रमंडल, भवन निर्माण, जिला परिषद, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग समेत अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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