जमशेदपुर: सरकारी जमीन की गलत तरीके से नामांतरण किये जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। यही वजह है कि पूर्वी सिंहभूम जिले के दो पूर्व सीओ, एक सीआई और दो राजस्व कर्मचारी व एक अंचल अमीन पर विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने दोनों अधिकारियों व चार कर्मचारियों के खिलाफ आदेश जारी किये हैं।
मानगो से सटे देवघर मौजा में खाता नंबर 202, प्लॉट नंबर 183 व 178 रकवा दो एकड़ अनाबाद बिहार सरकार के खाते की जमीन के नामांतरण मुकदमा संख्या 81-82/2017-2018 में रीना नागराज बेदागिरी के पक्ष में म्यूटेशन कर दिया गया था। इस मामले में जमशेदपुर के तत्कालीन सीओ, सीआई और राजस्व उप निरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए प्रस्ताव मानगो के वर्तमान सीओ से मांगा गया है। दरअसल घटना के वक्त मानगो अंचल नहीं बना था और वह जमीन जमशेदपुर अंचल में आती थी। जानकार बताते हैं कि उस वक्त जमशेदपुर के सीओ महेश्वर महतो थे, जिन पर कई और आरोप हैं।
हरिश्चंद्र मुंडा से मांगा स्पष्टीकरण
धालभूमगढ़ के पूर्व सीओ हरिश्चंद्र मुंडा से उपायुक्त ने तीन दिनों में स्पष्टीकरण मांगा है। उन पर नामांतरण वाद संख्या 167/2015-16 में गलत तरीके से आदेश पारित कर जमाबंदी कायम करने का आरोप है। आरोप है कि जूनबनी मौजा में खाता नंबर 147, प्लॉट नंबर 749, रकवा 9.15 एकड़ जमीन खरीदार प्रकाश चंद्र मुखर्जी के नाम से बिना किसी दखल-कब्जा और स्थल निरीक्षण के जमाबंदी कायम कर दी गई। इस मामले में घाटशिला के एलआरडीसी से जांच कराई गई और उन्होंने आरोपों की पुष्टि की है। उपायुक्त ने कहा है कि मुंडा का आचरण सरकारी सेवक के लिए स्थापित मानक आचरण के प्रतिकूल है। इसलिए उनसे स्पष्टीकरण की मांग करते हुए पूछा गया है कि क्यों न उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने के लिए कार्मिक प्रशासनिक विभाग से अनुशंसा की जाए। चूंकि मुंडा अभी पदस्थापना की प्रतीक्षा में हैं, इसलिए उपायुक्त ने कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग को पत्र लिखा है।
अमीन हाजरा व राजस्व कर्मी पर कार्रवाई शुरू
इस प्रकरण में धालभूम के तत्कालीन अमीन गौतम हाजरा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की अनुशंसा की गई है। यह अनुशंसा स्वर्णरेखा परियोजना के प्रशासक से की र्ग है क्योंकि अभी वे परियोजना के विशेष भूअर्जन पदाधिकारी संख्या-1 के अधीन कार्यरत हैं।
इसी प्रकरण में धालभूमगढ़ के पूर्व राजस्व उप निरीक्षक सत्यनारायण उरांव के खिलाफ भी विभागीय कार्यवाही शुरू करने का आदेश दिया गया है। विभागीय कार्यवाही हेतु संचालन पदाधिकारी घाटशिला के अनुमंडल पदाधिकारी जबकि प्रस्तुति पदाधिकारी धालभूमगढ़ के सीओ को नामित किया गया है।
