जमशेदपुर : चेक बाउंस मामले में डिमना मांगो वसुंधरा स्टेट निवासी मुकेश प्रसाद सिंह को प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना मिश्रा की अदालत ने दोषी करार देते हुए छह महीने के साधारण कारावास और कुल 3.90 लाख जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने आर्थिक धोखाधड़ी कर चेक निर्गत किया, जिसे जानबूझकर बाउंस कराया गया। यह मामला कदम का निवासी और गंगा टेंट हाउस के प्रोपराइटर विनीत धीमान द्वारा 22 अक्टूबर 2022 को न्यायालय में दायर किया गया था। मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दर्ज हुआ था।
शादी समारोह में लिया गया था टेंट व कैटरिंग का काम
शिकायतकर्ता विनीत धीमान के अनुसार, मार्च 2022 में अभियुक्त मुकेश प्रसाद सिंह ने अपने पुत्र एवं पुत्री के विवाह के आयोजन हेतु टेंट से लेकर खानपान की व्यवस्था गंगा टेंट हाउस को सौंपी थी। पूरे कार्यक्रम के लिए कुल 13.25 लाख का अनुबंध किया गया था। काम पूरा होने के बाद अभियुक्त द्वारा 9.25 लाख की राशि का भुगतान नकद किया गया, जबकि शेष 3 लाख के भुगतान के लिए चेक दिया गया।
बैंक में चेक जमा करने पर हुआ बाउंस
शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए चेक को जब बैंक में भुगतान हेतु प्रस्तुत किया गया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद अभियुक्त से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। अंततः पीड़ित पक्ष ने न्यायालय की शरण ली।
अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष
विनीत धीमान की ओर से अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू, पंकज कुमार सिंहा और बबीता जैन ने न्यायालय के समक्ष ठोस तर्क प्रस्तुत करते हुए बताया कि किस प्रकार आरोपी ने जानबूझकर भुगतान नहीं किया और आर्थिक नुकसान पहुंचाया। न्यायालय ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए छह महीने की सजा और 3.90 लाख का जुर्माना ठोका।

टेंट हाउस संचालक को चेक देकर किया भुगतान का वादा, लेकिन बाउंस हुआ चेक
न्यायालय ने माना आर्थिक अपराध, आरोपी को दी गई सजा
