जमशेदपुर : शहर का बड़ौदा घाट, पारंपरिक समारोहों के लिए अत्यंत पूजनीय स्थल है। यह क्षेत्र आजकल गंदगी, बदबू और स्वास्थ्य जोखिम का गढ़ बन चुका है। एक मार्च 2025 से सफाई व्यवस्था में बदलाव किए जाने, नए संवेदकों व कर्मचारियों की नियुक्ति और व्हाट्सएप आधारित शिकायत तंत्र शुरू करने के बावजूद घाट की दशा में कोई सुधार नहीं हो पाया। नालियाँ जाम, आसपास बदबूदार पानी, जानलेवा वातावरण, घाट की सीढ़ियाँ कचरे के ढेर से ढकी है। श्रद्धालुओं और आम लोगों को यहां की व्यवस्था के कारण भीषण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्र चेतना अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद जमशेदपुर ने प्रशासन से आग्रह किया है कि यहां की व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरूस्त किया जाए। परिषद ने चेतावनी दी है कि उनकी समस्या का समाधान दस दिनों के भीतर नहीं हुआ तो उन्हें कानून का सहारा लेना पड़ेगा।
