लोयोला स्कूल ने सांता की रिक्शा एंट्री, नेटिविटी प्ले के साथ क्रिसमस मनाया
फादर पायस ने उत्सव समारोहों के दौरान प्रेम और दया का संदेश साझा किया
प्रमुख बिंदु:
- लोयोला स्कूल के कार्यक्रम में सांता मिनी सांता के साथ रिक्शे पर पहुंचे
- छात्र नैटिविटी प्ले, कैरोल्स और नृत्य प्रदर्शन करते हैं
- फादर पायस प्रेम और करुणा के क्रिसमस संदेश पर जोर देता है
जमशेदपुर – लोयोला स्कूल टेल्को में अनोखे प्रदर्शन और सांता के अपरंपरागत रिक्शा प्रवेश द्वार के साथ क्रिसमस समारोह मनाया गया।
स्कूल पांच दशकों से अधिक समय से क्रिसमस समारोह का आयोजन कर रहा है। इसके अलावा, यह त्योहारी मौज-मस्ती और आध्यात्मिक महत्व दोनों पर केंद्रित है।
एक शिक्षा विशेषज्ञ ने टिप्पणी की, “ऐसे उत्सव हमारे समुदाय को एक साथ लाते हैं।” इस कार्यक्रम में सभी ग्रेडों से उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई।
विशेष प्रदर्शन
स्कूल गायन मंडली ने मधुर क्रिसमस कैरोल प्रस्तुत किये। इस बीच, छात्रों ने नृत्य प्रदर्शन में देवदूतों और चरवाहों का चित्रण किया।
नैटिविटी प्ले में ईसा मसीह के जन्म को दर्शाया गया। इसके अलावा, इससे त्योहार के धार्मिक महत्व को बताने में मदद मिली।
आध्यात्मिक संदेश
फादर पायस ने क्रिसमस को दिव्य प्रेम के प्रतीक के रूप में महत्व दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दैनिक जीवन में दयालुता के महत्व पर जोर दिया।
एक वरिष्ठ शिक्षक ने कहा, “ये उत्सव जीवन के मूल्यवान सबक सिखाते हैं।” कार्यक्रम में मनोरंजन को नैतिक मूल्यों के साथ सफलतापूर्वक जोड़ा गया।
विशिष्ट उपस्थिति
प्रिंसिपल चरणजीत ओहसन अन्य नेताओं के साथ इस अवसर पर उपस्थित थे। इस दौरान कार्यक्रम का संचालन संयोजिका रेशमा रोड्रिग्स एवं जीनत मारिया सुंडी ने किया।
फादर गौतम एवं मॉडरेटर कोलीन जेवियर ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इस उत्सव ने स्कूल की सामुदायिक भावना को मजबूत किया।
