विशेष सत्र में 400 ड्राइवरों ने सांप काटने का इलाज और अग्नि सुरक्षा सीखी
प्रमुख बिंदु:
* प्रशिक्षण में दक्षिण पूर्व रेलवे के चार मंडल शामिल हैं
*विशेषज्ञों का कहना है कि केवल 15% भारतीय साँप ही जहरीले होते हैं
* व्यावहारिक अभ्यास लोकोमोटिव में अग्निशामक यंत्र के उपयोग को प्रदर्शित करता है
जमशेदपुर – टाटानगर का लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र रेलवे ड्राइवरों को महत्वपूर्ण आपातकालीन प्रतिक्रिया कौशल से लैस करता है।
कार्यक्रम रात के समय सुरक्षा उपायों पर केंद्रित था।
प्रतिभागी कई रेलवे मंडलों से आए थे।
इस बीच, विशेषज्ञों ने सांप के व्यवहार के बारे में जानकारी साझा की।
सत्र का नेतृत्व नागरिक सुरक्षा निरीक्षक संतोष कुमार ने किया।
इसके अलावा, भारत में 275 साँप प्रजातियाँ हैं।
प्रशिक्षण में काटने की उचित पहचान पर जोर दिया गया।
इसके अलावा, पायलटों ने पागल कुत्ते प्रबंधन के बारे में सीखा।
एक सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा, “ज्ञान आपात स्थिति के दौरान घबराहट को कम करता है।”
नागरिक सुरक्षा प्रदर्शनकारियों ने व्यावहारिक अभ्यास किया।
इसके अतिरिक्त अनामिका मंडल ने बैंडिंग तकनीक सिखाई।
वास्तव में, इसी तरह के प्रशिक्षण त्रैमासिक होते हैं।
केंद्र आधुनिक प्रशिक्षण उपकरण रखता है।
इसके अलावा प्रतिभागियों ने अग्निशमन यंत्रों के साथ अभ्यास किया।
एक अधिकारी ने कहा, “रेलवे परिचालन के लिए सुरक्षा तैयारी महत्वपूर्ण बनी हुई है।”
साँप संबंधी अधिकांश घटनाएँ भय प्रतिक्रियाओं के कारण घटित होती हैं।
