जुगसलाई विधानसभा सीट से झामुमो के मंगल कालिंदी ने नामांकन दाखिल किया
विविध निर्वाचन क्षेत्र में आजसू के सहिस से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है
प्रमुख बिंदु:
• निवर्तमान विधायक मंगल कालिंदी जुगसलाई में दूसरा कार्यकाल चाहते हैं
• आजसू के रामचन्द्र सहिस एनडीए के मजबूत दावेदार बनकर उभरे
• विविध निर्वाचन क्षेत्र में महत्वपूर्ण एससी, ओबीसी और मुस्लिम आबादी शामिल है
जमशेदपुर – जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र एक गहन चुनावी लड़ाई के लिए तैयार है क्योंकि निवर्तमान झामुमो विधायक मंगल कालिंदी आधिकारिक तौर पर दौड़ में शामिल हो गए हैं।
एससी समुदाय की प्रमुख नेता कालिंदी ने सोमवार को अपना नामांकन पत्र जमा किया।
मौजूदा विधायक एनडीए के रामचन्द्र सहिस के खिलाफ चुनौतीपूर्ण मुकाबले के लिए तैयारी कर रहे हैं।
आजसू पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले सहिस चुनावी मैदान में एक अलग अपील लेकर आते हैं।
कालिंदी का राजनीतिक करियर आदिवासी और पिछड़ी जाति के अधिकारों की वकालत पर केंद्रित रहा है।
उन्हें जुगसलाई के एससी और आदिवासी बहुल इलाकों में मजबूत समर्थन प्राप्त है।
हालांकि, झामुमो उम्मीदवार को ऊंची जाति के प्रभुत्व वाले इलाकों में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
दूसरी ओर, सहिस ने ओबीसी मुद्दों की हिमायत करते हुए अपनी प्रतिष्ठा बनाई है।
आजसू उम्मीदवार के जमीनी स्तर के दृष्टिकोण ने महत्वपूर्ण ग्रामीण समर्थन हासिल किया है।
जुगसलाई के जटिल निर्वाचन क्षेत्र में अलग-अलग मतदान पैटर्न वाले विभिन्न समुदाय शामिल हैं।
14.7% मतदाताओं के साथ महतो समुदाय सबसे आगे है, उसके बाद सिंह 12.8% के साथ दूसरे स्थान पर है।
मुसलमानों में 9.9% मतदाता हैं, जो संभावित रूप से चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
दोनों उम्मीदवारों को सफल होने के लिए निर्वाचन क्षेत्र के विविध सामाजिक ताने-बाने से निपटना होगा।
कालिंदी का लक्ष्य दोबारा चुनाव के लिए अपने मौजूदा समर्थन आधार को मजबूत करना है।
इस बीच, साहिस शहरी और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में अपनी पहुंच का विस्तार करना चाहते हैं।
आने वाले सप्ताह जुगसलाई में एक गहन जमीनी स्तर की लड़ाई का वादा करते हैं।
बारीकी से देखा जाने वाला यह मुकाबला संभवतः जातिगत गतिशीलता और स्थानीय मुद्दों पर निर्भर करेगा।
