जमशेदपुर कोर्ट ने ड्रग मामले में गवाह की उपस्थिति की मांग की
बागबेड़ा पुलिस द्वारा गवाहों को पेश न करने पर एडीजे-2 आभास वर्मा ने एसएसपी को निर्देश जारी किया
एडीजे-2 आभास वर्मा की अदालत ने ड्रग्स एक्ट के एक मामले में गवाहों की अनुपस्थिति को लेकर एसएसपी किशोर कौशल को निर्देश जारी करते हुए कार्रवाई की है।
जमशेदपुर – ड्रग्स एक्ट के एक मामले में गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के कई असफल प्रयासों के बाद एडीजे-2 आभास वर्मा की अदालत ने एसएसपी किशोर कौशल को निर्देश जारी किया है।
अदालत की यह कार्रवाई बागबेरा पुलिस द्वारा ड्रग्स अधिनियम के एक मामले में गवाह पेश करने में विफल रहने के बाद की गई है।
एडीजे-2 आभास वर्मा ने बताया कि हमने पहले बागबेड़ा थाना प्रभारी को निर्धारित तिथि तक गवाहों को पेश करने का निर्देश दिया था।
प्रारंभिक आदेश का अनुपालन न करने के कारण 1 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
मामला 18 अप्रैल, 2018 को शुरू हुआ, जब ड्रग इंस्पेक्टर राजीव एक्का ने बागबेड़ा के संजय नगर में बबीता देवी को बिना लाइसेंस के नशीली दवाएं बेचते हुए पाया।
बबीता देवी ने पूछताछ के दौरान बताया कि उसने अजय कुमार उर्फ अजय कुमार सिंह से ड्रग्स प्राप्त की थी।
बबीता देवी और अजय कुमार सिंह दोनों के खिलाफ ड्रग्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।
स्थानीय निवासियों और पुलिस अधिकारियों सहित आठ गवाह अदालत में पेश होने में विफल रहे।
एडीजे वर्मा ने कहा, “उनकी अनुपस्थिति कानूनी प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर रही है।” उन्होंने मुकदमे में बिना किसी देरी के आगे बढ़ने के लिए एसएसपी के हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया।
गवाहों में संजय नगर बागबेड़ा के कल्लू सिंह, पहलवान साव, राजेश प्रसाद, सरिता तांती और राजेश पात्रो शामिल हैं।
अनुपस्थित गवाहों में एएसआई सुधीश कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह और पुलिस विनोद राम भी शामिल हैं।
अदालत अब इस मुद्दे को सुलझाने और मुकदमे को जारी रखने में मदद के लिए एसएसपी किशोर कौशल पर निर्भर है।
