कोडरमा में तीन दिवसीय बैठक में विहिप झारखंड ने नेतृत्व में फेरबदल किया
कोडरमा सम्मेलन के दौरान जमशेदपुर व अन्य इकाइयों के लिए नई नियुक्तियों की घोषणा
विश्व हिंदू परिषद की झारखंड राज्य बैठक संगठनात्मक परिवर्तन और हिंदू एकता पर रणनीतिक चर्चा के साथ संपन्न हुई।
जमशेदपुर – कोडरमा में विहिप झारखंड राज्य समिति की बैठक जमशेदपुर महानगर क्षेत्र और अन्य इकाइयों के नेतृत्व परिवर्तन के साथ समाप्त हो गई।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की झारखंड राज्य समिति की तीन दिवसीय बैठक 16 से 18 अगस्त तक कोडरमा के झुमरी तिलैया स्थित शिववाटिका में हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत ने की, जिसमें केंद्रीय, क्षेत्रीय और जिला स्तर के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
केंद्रीय विहिप नेता अंबरीश, जगन्नाथ शाही और पद्मश्री डॉ. आरएन सिंह ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन प्रदान किया।
बैठक में 1964 से विहिप के इतिहास, राम मंदिर आंदोलन की सफलता और हिंदू समाज के सामने वर्तमान चुनौतियों पर चर्चा की गई।
हिंदू एकता को मजबूत करने और राष्ट्रीय अखंडता के लिए कथित खतरों का मुकाबला करने की रणनीतियों पर जोर दिया गया।
विहिप के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, “हमारी चुनौतियां पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं और इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमें जातियों को एकजुट करना होगा, हिंदुत्व की ताकत को मजबूत करना होगा और हिंदुओं को संभावित खतरों के प्रति जागरूक करना होगा।”
समापन सत्र में जमशेदपुर महानगर क्षेत्र के विहिप पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
प्रमुख नियुक्तियों में जनार्दन पांडेय को प्रांतीय बजरंग दल सह-संयोजक और अरुण सिंह को सिंहभूम संभाग सह-सचिव नियुक्त किया गया है।
अन्य उल्लेखनीय नियुक्तियां मातृ शक्ति, दुर्गा वाहिनी और गौरक्षा इकाइयों सहित विभिन्न शाखाओं में की गईं।
इस अवसर पर हिंदू परंपराओं को संरक्षित रखने तथा युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक मूल्यों को स्थापित करने के महत्व पर बल दिया गया।
विहिप नेताओं ने हिंदू समाज को विभाजित करने और उसकी एकता को कमजोर करने की कथित साजिशों पर चिंता व्यक्त की।
