कैबिनेट ने 8 रेलवे परियोजनाओं के लिए 24,657 करोड़ रुपये मंजूर किए, चाकुलिया को फायदा होगा
सात राज्यों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नई रेलवे लाइनें बिछाई जाएंगी, जिनकी लंबाई 900 किलोमीटर और 64 स्टेशन होंगे
सरकार की महत्वाकांक्षी रेल विस्तार योजना का उद्देश्य कम सुविधा वाले क्षेत्रों में गतिशीलता को बढ़ाना तथा आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
जमशेदपुर – आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने आठ महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है, जो भारत के परिवहन बुनियादी ढांचे को बड़े बढ़ावा का संकेत है।
स्वीकृत पहल सात राज्यों के 14 जिलों में फैली हुई है।
इन परियोजनाओं से मौजूदा रेलवे नेटवर्क में 900 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
इस योजना में 64 नये स्टेशनों का निर्माण शामिल है, जिससे लगभग 510 गांवों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
मुख्य लाभ:
1. 6 आकांक्षी जिलों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी
2. लगभग 40 लाख निवासियों के लिए बेहतर पहुंच
3. अजंता गुफाओं से संबंध, जो यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है
4. माल ढुलाई क्षमता में प्रति वर्ष 143 मिलियन टन की वृद्धि
5. तेल आयात में 32.20 करोड़ लीटर की कमी
6. CO2 उत्सर्जन में 0.87 मिलियन टन की कमी
आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभाव
इस विस्तार से कृषि उत्पादों, खनिजों और औद्योगिक वस्तुओं सहित विभिन्न वस्तुओं के परिवहन में सुविधा होगी।
एक अनाम रेलवे अधिकारी ने कहा, “ये परियोजनाएं सतत विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के अनुरूप हैं, जो पर्यावरणीय लाभ के संदर्भ में 3.5 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।”
इन पहलों से स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करके और रोजगार के अवसर पैदा करके “आत्मनिर्भर भारत” दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना वितरण
राज्य
परियोजनाओं की संख्या
कुल लंबाई (किमी)
ओडिशा
4
357.49
महाराष्ट्र
1
174
बिहार
1
26.23
बहु-राज्य
2
233.57
पीएम-गति शक्ति के साथ एकीकरण
ये परियोजनाएं मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी के लिए पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान का हिस्सा हैं।
इस योजना का उद्देश्य देश भर में लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना है।
यह कार्यकुशलता को अधिकतम करने और संभार-तंत्रीय लागत को न्यूनतम करने के लिए एकीकृत योजना पर जोर देता है।
भविष्य की संभावनाओं
रेलवे विस्तार से भारत के जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
इससे देश के समग्र लॉजिस्टिक्स व्यय को कम करने में मदद मिलेगी।
ये परियोजनाएं पहले से वंचित क्षेत्रों में नए आर्थिक अवसर पैदा करने का वादा करती हैं।
