न्यायिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ आरोपों की जांच की जा रही है
बलात्कार और उत्पीड़न मामले में सीजेएम के आदेश पर पीड़िता का बयान दर्ज किया गया।
पीड़िता ने बंद अदालत में एन कुमार से जुड़ी घटनाओं का ब्यौरा दिया।
जमशेदपुर – मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) के आदेश के बाद सोमवार को एसीजेएम सौदामणि सिंह की अदालत में न्यायिक दंडाधिकारी एन कुमार के खिलाफ बयान दर्ज किया गया।
इस मामले में बलात्कार, जबरन गर्भपात, द्विविवाह और उत्पीड़न के आरोप शामिल हैं।
सूत्रों से पता चला है कि पीड़िता ने बंद कमरे में घटना का विस्तृत विवरण दिया।
उसने बताया कि एन कुमार ने एक मंदिर में उससे शादी की और उसे अपने पैतृक गांव सहित विभिन्न स्थानों पर ले गया, जहां उसने उसे अपने परिवार से मिलवाया।
उसने यह भी आरोप लगाया कि कुमार ने उसे दवाएं देकर कई बार गर्भपात कराने के लिए मजबूर किया।
पीड़िता ने यह भी बताया कि इस दौरान नरेन्द्र कुमार ने फेसबुक पर मिली एक अन्य महिला से शादी कर ली और उसके बाद पीड़िता के साथ मारपीट की।
उन्होंने हिंसा और जबरदस्ती के कई मामलों की रिपोर्ट दी।
इससे पहले दिन में जांच अधिकारी पल्लवी कुजूर ने सदर अस्पताल में पीड़िता की मेडिकल जांच कराई। परसुडीह.
इसके बाद पीड़िता को अपना बयान दर्ज कराने के लिए लगभग 4:45 बजे अदालत में लाया गया, नाम गुप्त रखने के लिए उसका चेहरा ढक दिया गया था।
एसीजेएम की अदालत में अपना बयान दर्ज कराने से पहले पीड़िता ने अपनी वकील रंजना मिश्रा से मुलाकात की।
दूसरी ओर, एन कुमार की पत्नी शीतल यादव ने पीड़िता के खिलाफ जवाबी एफआईआर दर्ज कराई है। बिष्टुपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें उन पर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, जेवरात व नकदी चोरी करने तथा मारपीट करने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस इन दावों की भी जांच कर रही है।
