झारखंड मंत्रिमंडल का पूर्ण विस्तार तय; भाजपा ने इरफान अंसारी पर साधा निशाना
चंपई सरकार सभी 12 मंत्री पदों को भरेगी
झारखंड में आसन्न मंत्रिमंडल विस्तार से लंबे समय से रिक्त पदों को भरने, संभावित नियुक्तियों के बारे में राजनीतिक बहस और अटकलें शुरू होने की संभावना है।
रांची – झारखंड की चंपई सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार एक महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल विस्तार के कगार पर है, जिसका लक्ष्य वर्षों में पहली बार सभी मंत्री पदों को भरना है।
झारखंड सरकार दो रिक्त पदों पर मंत्रियों की नियुक्ति की तैयारी कर रही है, जिससे मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 12 हो जाएगी।
यह कदम रघुवर दास और अन्य के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों से अलग है। हेमंत सोरेनजो अधूरे कैबिनेट के साथ संचालित होता था।
गवर्नर की वापसी से विस्तार को बढ़ावा मिलेगा
मंत्रिमंडल विस्तार का समय राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन के हैदराबाद से लौटने पर निर्भर करेगा, जो शुक्रवार को आने की उम्मीद है।
सूत्रों से पता चला है कि दोनों दलों से एक-एक मंत्री कांग्रेस और रिक्तियों को भरने के लिए झामुमो को नियुक्त किया जाएगा।
संभावित नियुक्तियां और समारोह का विवरण
बैद्यनाथ राम, जो पहले कैबिनेट में जगह पाने से चूक गए थे, के बारे में अफवाह है कि उन्हें झामुमो कोटे से टिकट दिया जाएगा।
कांग्रेस की सीट पर आलमगीर आलम की जगह इरफान अंसारी को उतारने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
शपथ ग्रहण समारोह राजभवन में संक्षिप्त रूप से आयोजित किया जाएगा, जिसमें मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है।
कला, संस्कृति और पर्यटन मंत्री हफीजुल हसन ने आसन्न मंत्रिमंडल विस्तार की पुष्टि करते हुए कहा है कि नियुक्तियों पर अंतिम निर्णय लिया जा रहा है।
भाजपा की आलोचना और राजनीतिक तनाव
प्रस्तावित विस्तार से राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। बी जे पी विधायक सीपी सिंह ने संभावित नियुक्तियों की आलोचना की।
सिंह ने विशेष रूप से इरफान अंसारी की नियुक्ति की संभावना पर सवाल उठाया तथा कांग्रेस पर कुछ समुदायों को खुश करने का आरोप लगाया।
भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि अंसारी का विचार आलमगीर आलम के कारावास के बाद मंत्रिमंडल में मुस्लिम कोटा भरने की आवश्यकता से जुड़ा है।
कांग्रेस का पलटवार और राजनीतिक गतिरोध
कांग्रेस पार्टी ने भाजपा के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मंत्रिमंडल विस्तार में विपक्ष की गहरी दिलचस्पी पर सवाल उठाया है।
प्रदेश कांग्रेस महासचिव राकेश सिन्हा ने मंत्री पद की नियुक्ति में पार्टी के विशेषाधिकार का बचाव करते हुए कहा कि ऐसे निर्णय पार्टी का आंतरिक मामला है।
सिन्हा ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी के भीतर जिम्मेदारियों के आवंटन का निर्धारण सीपी सिंह नहीं, बल्कि कांग्रेस करेगी।
