मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ जागरूकता अभियान में स्कूली बच्चे शामिल हुए
राज्यव्यापी अभियान का उद्देश्य शिक्षा और प्रवर्तन के माध्यम से नशा मुक्त समाज का निर्माण करना है।
सरायकेला – राज्य सरकार के तीव्र नशा विरोधी अभियान के तहत बुधवार को सरायकेला में उत्साहपूर्ण मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया।
एएनएआर 10+2 स्कूल से बिरसा मुंडा स्टेडियम तक आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों, अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई।
एसडीओ सुनील कुमार प्रजापति ने सभा को संबोधित करते हुए नशीली दवाओं के दुरुपयोग के दूरगामी प्रभावों पर जोर दिया।
प्रजापति ने कहा, “हमारा समाज वास्तव में नशा मुक्त तब होगा जब हम इस बात से पूरी तरह अवगत होंगे कि किस प्रकार नशा परिवारों, समुदायों और राष्ट्र को चुपचाप खोखला कर देता है।”
मैराथन का समापन नशीली दवाओं के प्रयोग के खिलाफ सामूहिक शपथ के साथ हुआ, जिससे अभियान के संदेश को बल मिला।
प्रतिभागियों को मादक द्रव्यों के सेवन के बहुमुखी परिणामों के बारे में शिक्षित किया गया, जिसमें स्वास्थ्य में गिरावट और सामाजिक मुद्दे भी शामिल थे।
जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा ने समाज की सुरक्षा के लिए नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान किया।
बोदरा ने अपील की, “हम नागरिकों से नशीली दवाओं के डीलरों के बारे में जानकारी साझा करने का आग्रह करते हैं ताकि कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस खतरे पर प्रभावी रूप से अंकुश लगा सकें।”
इस कार्यक्रम में जागरूकता और प्रवर्तन के माध्यम से नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने के लिए राज्य सरकार के बहुआयामी दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला गया।
स्थानीय प्राधिकारियों ने नशा मुक्त वातावरण बनाने में सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर बल दिया।
विद्यार्थियों ने नशामुक्त रहने तथा साथियों में जागरूकता फैलाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
यह मैराथन मादक द्रव्यों के सेवन के विरुद्ध सरायकेला के एकजुट मोर्चे का प्रत्यक्ष प्रदर्शन था।
अधिकारियों ने युवा प्रतिभागियों के उत्साह की सराहना की तथा इसे अभियान की भावी सफलता के लिए सकारात्मक संकेत माना।
यह पहल झारखंड भर में नशीली दवाओं की रोकथाम को प्राथमिकता देने के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों के अनुरूप है।
