जमशेदपुर; अपनी उत्कृष्ट नागरिक सुविधाओं के लिए वैश्विक स्तर पर चर्चित जमशेदपुर शहर में एक ऐसा भी इलाका है, जहां पीने के पानी के लिए लोगों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा. वजह बनी है सरकारी स्तर पर पानी वितरण में बरती जा रही असमान नीति. आलम यह है की मानगो के किसी क्षेत्र में 24 घंटे पानी की आपूर्ति हो रही तो कहीं पर पानी का नामोनिशान तक नहीं. बूंद बूंद के लिए तरस रहे लोग.
इस विचित्र स्थिति और इससे हो रही लोगों की परेशानी के मद्देनजर निकाय से लेकर प्रशासन तक जनता ने गुहार लगाई पर आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला. कोई करवाई नहीं हुई. अलबत्ता फीलिंग को लेकर विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहता है. पानी की आपूर्ति हो या ना हो बिल जरूर भेज दिया जाता है.
लोगों को इस विकट स्थिति से उबारने के लिए क्षेत्र के प्रमुख गैर राजनीतिक वह गैर सरकारी संगठन मानगो विकास समिति ने पहल की है. समिति के अध्यक्ष ओंकार नाथ सिंह बताते हैं कि मानगो की जनता पेयजल के असमान वितरण से परेशान है. किसी इलाके में 24×7×365 मोड पर जलापूर्ति हो रही है तो किसी इलाके में वर्षों से एक बूंद पेयजल नहीं टपका. वे बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि विभाग को सूचना नहीं है, लगातार शिकायत करने के बावजूद विभाग कुंभकर्णी निंद्रा में सोया हुआ है. दूरभाष पर विभागीय अधिकारियों को सूचित कर समस्या के समाधान का कई बार आग्रह किया गया पर आस्वासन के सिवा कुछ भी नहीं मिल रहा.
ओंकार नाथ सिंह बताते हैं कि जलापूर्ति योजना का ठेकेदार निरंकुश है और आम जनता की कौन कहे, अधिकारियों की भी नहीं सुनता. आकर कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया गया है.
मानव विकास समिति के अध्यक्ष ने आंदोलन करने की इस सूचना के साथ विभागीय अधिकारियों व ठेकेदार को चेताया है कि यदि तीन दिनों के अंदर समस्या का समाधान नहीं निकलता है तो घेराव व तालाबंदी के सिवा कोई रास्ता नहीं बचेगा और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी पेयजल स्वच्छता विभाग व मानगो नगर निगम के अधिकारियों की होगी.
