कानूनी विशेषज्ञों ने भारत की अद्यतन न्याय प्रणाली पर उपस्थित लोगों को शिक्षित किया
डीएलएसए जमशेदपुर ने आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम के स्थान पर नए आपराधिक कानूनों के बारे में जानकारी देने के लिए सेमिनार का आयोजन किया।
जमशेदपुर – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) जमशेदपुर द्वारा को-ऑपरेटिव कॉलेज में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम और सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत में लागू आपराधिक कानूनों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीएलएसए सचिव राजेंद्र प्रसाद थे।
उपस्थित विशिष्ट आगंतुकों में सहायक कानूनी सहायता रक्षा अधिवक्ता और विधि परिषद प्रमुख विदेश सिन्हा शामिल थे।
डॉ. स्वाति सोरेन ने सेमिनार का निर्देशन किया, जो आरयूएसए और आईक्यूएसी के संयोजन में आयोजित किया गया था।
उपस्थित लोगों को तीन नए आपराधिक कानूनों से परिचित कराया गया, जिन्होंने भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम का स्थान ले लिया है।
नए कानून में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय न्याय संहिता और अद्यतन भारतीय साक्ष्य अधिनियम शामिल हैं।
1 जुलाई, 2024 को ये महत्वपूर्ण कानूनी संशोधन लागू किये गये।
इस कार्यक्रम में कॉलेज के प्राचार्य अरुण सिंह के साथ-साथ छात्र, प्रशिक्षक और कर्मचारी भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्रतिभागियों को आपराधिक कानून में हुए महत्वपूर्ण बदलावों और उनके निहितार्थों से परिचित कराना था।
यह सेमिनार भारत की न्याय व्यवस्था के विकास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है।
नया कानूनी ढांचा उपस्थित लोगों के बीच गहन रूचि का विषय था, जिन्होंने सत्र में सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस कार्यक्रम में भारत की न्याय प्रणाली में आए महत्वपूर्ण बदलावों के संदर्भ में कानूनी जागरूकता के महत्व पर बल दिया गया।
