झारखंड में बड़ा फैसला: सड़क हादसे में मौत पर आश्रितों को अब 4 लाख मुआवजा
Road Accident Compensation Increased रांची: झारखंड सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को राहत देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। अब ऐसे मामलों में मृतक के आश्रितों को राज्य सरकार की ओर से चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। पहले यह राशि मात्र एक लाख रुपये थी। यह फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक में लिया गया।
बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। ‘अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम’ के तहत जिला स्तर पर कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारियों और जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारियों की सेवा अवधि को वित्तीय वर्ष 2026-27 तक बढ़ा दिया गया है।
सरकार ने स्थानीय आपदाओं में मृतकों के आश्रितों को मिलने वाली अनुग्रह राशि की प्रक्रिया को भी सरल बनाने का फैसला किया है। अब संबंधित जिले के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन करने के बाद ही भुगतान किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार के दोहरे भुगतान की स्थिति से बचा जा सके।
इसके अलावा, ‘युवा आपदा मित्र योजना’ को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में चल रही इस योजना के तहत स्वयंसेवकों का एक व्यवस्थित डाटाबेस तैयार कर उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और स्वयंसेवकों को भत्ता देने का प्रस्ताव लाने के निर्देश दिए।
राज्य में डूबने से होने वाली मौतों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षित गोताखोरों की संख्या बढ़ाने पर भी बल दिया गया। इस दिशा में पुलिस जवानों, गृहरक्षकों और महिलाओं को शामिल करते हुए एक विस्तृत कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में आपदा प्रबंधन मंत्री इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
