ट्रेनों की लेटलतीफी पर सरयू राय का हमला- चक्रधरपुर डिवीजन के अधिकारी दे रहे भ्रामक आंकड़े
— ट्रेनों की देरी को लेकर आंदोलन बना जनमुद्दा
— अधिकारियों पर गलत आंकड़े पेश करने का आरोप
— टाटानगर में समय पर ट्रेनों के संचालन की मांग
— मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने से यात्री ट्रेनें प्रभावित
— तीसरी रेल लाइन और इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की उठाई मांग
— सभी दलों से आंदोलन में शामिल होने की अपील
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने चक्रधरपुर रेल मंडल के अधिकारियों पर ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर ट्रेनों के संचालन में विफल रहने के बावजूद अब भ्रामक आंकड़े प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि इस मुद्दे पर उनका आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है।
रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह के साथ चलाए गए हस्ताक्षर अभियान को सफल बताते हुए सरयू राय ने कहा कि 26 अप्रैल को हुए इस अभियान के बाद चक्रधरपुर के सीनियर डीसीएम ने टाटानगर जंक्शन पर प्रेस वार्ता में ट्रेनों की पंक्चुअलिटी 65 से 70 प्रतिशत तक होने का दावा किया। इस पर सवाल उठाते हुए राय ने पूछा कि यह आंकड़ा किस आधार पर तैयार किया गया और एक भी ट्रेन का उदाहरण क्यों नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि अधिकारी तकनीकी बातों में उलझाकर मूल सवाल से बचने की कोशिश कर रहे हैं। उनका स्पष्ट सवाल है कि जब चांडिल, कांड्रा और राखा माइंस तक ट्रेनें समय पर पहुंचती हैं, तो टाटानगर पहुंचने में घंटों देरी क्यों होती है।
सरयू राय ने आरोप लगाया कि रेलवे पहले यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने से इनकार करता रहा, लेकिन बाद में इसे स्वीकार किया गया। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बयान का हवाला देते हुए कहा कि लौह अयस्क परिवहन के कारण मालगाड़ियों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे यात्री ट्रेनें प्रभावित हो रही हैं।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि रेलवे के आधुनिकीकरण के बावजूद टाटानगर क्षेत्र में अतिरिक्त रेल लाइनों का विस्तार क्यों नहीं किया गया। आदित्यपुर से सलगाजुड़ी तक तीसरी रेल लाइन नहीं बिछाने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।
राय ने कहा कि टाटानगर से कोलकाता जाने वाली प्रमुख ट्रेनें जैसे स्टील और इस्पात एक्सप्रेस की समयबद्धता अनिश्चित रहती है। जनशताब्दी समेत लोकल ट्रेनों और मेमू सेवाओं की स्थिति भी खराब है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लोग प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने सीनियर डीसीएम पर राजनीतिक बयानबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मुद्दा पूरी तरह जनहित से जुड़ा है और इसे राजनीति से जोड़कर कमतर नहीं आंका जाना चाहिए।
सरयू राय ने बताया कि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू से भी इस मुद्दे पर बातचीत की है और सभी दलों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि यह समस्या सिर्फ जमशेदपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि घाटशिला, बहरागोड़ा, सरायकेला और आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को प्रभावित कर रही है। आंदोलन को इन क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा।
अंत में उन्होंने रेलवे अधिकारियों से कर्तव्य का पालन करने और ऐसी व्यवस्था बनाने की मांग की, जिसमें यात्री ट्रेनें समय पर चलें और शेष समय में मालगाड़ियों का संचालन किया जाए, ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।
