निरीक्षण में खुली कस्तूरबा विद्यालय की पोल, वार्डन ने विधायक को नहीं पहचाना
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, सुंदरनगर का मामला
झारखंड और भारत की जनसंख्या नहीं बता पाए बच्चे
बीपीएल बच्चों का दाखिला नहीं लेने की मिली शिकायत
जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार ने वार्डन से मांगा स्पष्टीकरण
छात्राओं की शिक्षा व स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी
छात्राएं सामान्य सवालों में फेल; किचन में गंदगी देख भड़के विधायक संजीव सरदार
पोटका: जमशेदपुर प्रखंड के सुंदरनगर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में मंगलवार को हुए औचक निरीक्षण में गंभीर लापरवाहियां सामने आईं। पोटका के विधायक संजीव सरदार जब सुबह करीब 10:30 बजे विद्यालय पहुंचे, तो वहां की स्थिति देखकर हैरान रह गए।
सबसे पहले वार्डन रीना कुमारी सिंह ने विधायक को पहचानने से इनकार कर दिया और उनसे परिचय पूछा। अपना नाम बताने के बाद भी वार्डन ने उन्हें नहीं पहचाना, जिससे माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया और विधायक ने नाराजगी जताई।
निरीक्षण के दौरान कई कक्षाओं में शिक्षक अनुपस्थित मिले। कक्षा 12 में छात्राएं मौजूद थीं, लेकिन शिक्षक नहीं थे। जब छात्राओं से झारखंड और भारत की जनसंख्या जैसे सामान्य सवाल पूछे गए, तो कोई भी जवाब नहीं दे सकी। कक्षा 11 की स्थिति भी ऐसी ही रही। कक्षा 10 में 68 छात्राएं थीं, लेकिन वहां भी शिक्षक नहीं मिले, जबकि अन्य कक्षाएं खाली पाई गईं।
विद्यालय के किचन की स्थिति और भी चिंताजनक मिली। गंदगी का अंबार और मक्खियों की भरमार देख विधायक ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह का भोजन छात्राओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। उन्होंने साफ-सफाई और गुणवत्ता में सुधार के निर्देश दिए।



निरीक्षण के दौरान एडमिशन में अनियमितता का मामला भी सामने आया। पुड़िहासा गांव के एक अभिभावक ने आरोप लगाया कि बीपीएल परिवार से होने के बावजूद उनकी बेटी का दाखिला नहीं लिया गया, जबकि नियमों को दरकिनार कर अन्य छात्राओं का नामांकन किया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक ने जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और वार्डन से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यालय में 22 शिक्षक पदस्थापित होने के बावजूद उनकी अनुपस्थिति से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
निरीक्षण के बाद विधायक ने कहा कि शिकायतें सही पाई गई हैं और पूरे मामले की जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे को राज्य के शिक्षा मंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। विधायक ने दो टूक कहा कि छात्राओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
