AAP में बड़ी टूट : राघव चड्ढा व संदीप पाठक का दावा—दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ भारतीय जनता पार्टी में विलय का फैसला
नई दिल्लीः आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर बड़े राजनीतिक भूचाल का दावा सामने आया है। पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा व संदीप पाठक ने शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि AAP के राज्यसभा के “दो-तिहाई सदस्य” संवैधानिक प्रावधानों का उपयोग करते हुए खुद को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में मिलाने का निर्णय ले चुके हैं। इस मौके पर उनके साथ संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद रहे।
चड्ढा ने अपने बयान में कहा कि जिस AAP को उन्होंने “15 साल तक खून-पसीने से सींचा”, वह अब अपने मूल उद्देश्यों से भटक गई है। उनके मुताबिक, पार्टी अब जनहित की बजाय “निजी फायदों” के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे “AAP से दूर होकर जनता के पास” जा रहे हैं और देशहित में नई राजनीतिक दिशा चुन रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि AAP को दिल्ली और पंजाब से आगे देश के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मिलकर मेहनत की थी, लेकिन मौजूदा हालात में उन्हें यह कठोर फैसला लेना पड़ा।
यह घटनाक्रम यदि औपचारिक रूप से आगे बढ़ता है, तो राष्ट्रीय राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है—खासकर संसद के उच्च सदन में समीकरणों पर। हालांकि, इस दावे पर AAP की आधिकारिक प्रतिक्रिया और संवैधानिक प्रक्रियाओं की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।
