August 10, 2026
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नोएडा हिंसा साजिश का खुलासा: एनआईटी जमशेदपुर का ग्रेजुएट तमिलनाडु से गिरफ्तार

नोएडा हिंसा साजिश का खुलासा: एनआईटी जमशेदपुर का ग्रेजुएट तमिलनाडु से गिरफ्तार

यूपी STF और नोएडा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

फरार आरोपी पर ₹1 लाख का इनाम था घोषित

जमशेदपुर : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर आंदोलनों की आड़ में हिंसा भड़काने की साजिश के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आदित्य आनंद को, जो इस साजिश का दूसरा प्रमुख किरदार माना जा रहा है, तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी शुक्रवार देर रात करीब 2 बजे यूपी STF और नोएडा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई।

आदित्य, जो ‘रस्‍टी’ नाम से भी जाना जाता है, कई दिनों से फरार था। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी था और उस पर ₹1 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था।

पहचान छुपाने के लिए बदला हुलिया

गिरफ्तारी से बचने के लिए आदित्य ने अपने बाल कटवा लिए थे और चेन्नई में फर्जी पहचान के साथ रह रहा था। सूत्रों के मुताबिक वह केरल जाने और वहां से समुद्री रास्ते देश से भागने की योजना बना रहा था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने समय रहते उसे पकड़ लिया।

एनआईटी बैकग्राउंड और कथित कट्टरपंथी संबंध

बिहार के हाजीपुर का रहने वाला आदित्य राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर से बीटेक कर चुका है। पुलिस जांच के अनुसार, जून 2025 में नोएडा आने के बाद उसके संपर्क कई कट्टरपंथी संगठनों से बने और उसने मजदूरों को संगठित करने का नेटवर्क तैयार करना शुरू किया।

जांच एजेंसियों का दावा है कि वह चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित था और मजदूर बिगुल, दिशा स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन और भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी जैसे संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा था।

डिजिटल नेटवर्क के जरिए हिंसा भड़काने की साजिश

जांच में सामने आया है कि आदित्य ने मुख्य आरोपी रुपेश राय के साथ मिलकर 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच हिंसा की साजिश रची। इस महीने की शुरुआत में उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के बाद वह नोएडा से दिल्ली और फिर चेन्नई भाग गया था।

पुलिस के अनुसार, उसने QR कोड के जरिए बनाए गए व्हाट्सऐप ग्रुप्स का इस्तेमाल कर मजदूरों को उकसाने और भीड़ जुटाने का काम किया, जिससे उसकी गतिविधियों पर नजर रखना मुश्किल हो गया।

फंडिंग और नेटवर्क की जांच तेज

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आदित्य और रुपेश दोनों को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी। जांच में उनके कम्युनिकेशन नेटवर्क, फंडिंग सोर्स और देश-विदेश से जुड़े संभावित लिंक की पड़ताल की जाएगी।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि तमिलनाडु में आदित्य को शरण और लॉजिस्टिक मदद देने वालों की भी जांच की जा रही है, क्योंकि यह मामला अब बड़े स्तर की साजिश के रूप में सामने आ रहा है, जिसके राष्ट्रीय स्तर पर असर हो सकते हैं।

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