जमशेदपुर | ब्रह्मर्षि विकास मंच, जमशेदपुर की केंद्रीय समिति के बहुप्रतीक्षित चुनाव रविवार को कदमा स्थित ब्रह्मर्षि भवन में सौहार्दपूर्ण लेकिन बेहद रोमांचक माहौल में संपन्न हुए। इस चुनावी दंगल में सत्येंद्र कुमार ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अनिल ठाकुर को एक कड़े मुकाबले में हराकर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। सत्येंद्र कुमार को जहां 35 मत प्राप्त हुए, वहीं केबल कंपनी के पूर्व इंजीनियर अनिल ठाकुर 32 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
पर्दे के पीछे की रणनीति ने पलटी बाजी
संगठन के गलियारों में चर्चा है कि सत्येंद्र कुमार की इस जीत की पटकथा पर्दे के पीछे से दो दिग्गज रणनीतिकारों ने लिखी। बताया जा रहा है कि इनमें से एक दिग्गज कदमा के निवासी हैं, जबकि दूसरे का गहरा प्रभाव साकची क्षेत्र में है। इन दोनों दिग्गजों की ‘सेटिंग’ और सटीक फील्डिंग ने चुनावी राह को सत्येंद्र कुमार के पक्ष में मोड़ दिया, जिससे कड़े मुकाबले के बावजूद जीत का सेहरा उनके सिर बंधा।
जमीन से जुड़े हैं नवनिर्वाचित अध्यक्ष
नवनिर्वाचित अध्यक्ष सत्येंद्र कुमार रेलवे में टीटीई (TTE) रह चुके हैं और वर्तमान में बागबेड़ा के हर हर गुट्टू (राजू बागान) के निवासी हैं। वे मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले से ताल्लुक रखते हैं। वहीं, उपविजेता रहे अनिल ठाकुर वैशाली जिले के निवासी हैं और वर्तमान में केबल टाउन में रहते हैं।
निर्विरोध चुने गए महासचिव, श्रीनिवास बने कोषाध्यक्ष
चुनाव प्रक्रिया के दौरान जय कुमार को निर्विरोध महासचिव निर्वाचित घोषित किया गया, क्योंकि उनके खिलाफ कोई अन्य नामांकन प्राप्त नहीं हुआ था। वहीं कोषाध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में श्रीनिवास कुमार ने बाजी मारी। उन्हें कुल 40 मत मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी राजेश कुमार को 27 मतों से संतोष करना पड़ा। श्रीनिवास ने 13 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
पारदर्शी रही पूरी चुनाव प्रक्रिया
संयोजक राजकिशोर सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस चुनाव में कुल 83 सूचीबद्ध मतदाताओं में से 67 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। चुनाव को सफल बनाने में पर्यवेक्षक रामउदय प्रसाद सिंह, मनोज कुमार सिंह ‘गुणी’, दीपु सिंह समेत 11 सदस्यीय संचालन समिति की मुख्य भूमिका रही।
इस अवसर पर नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देने वालों में संस्थापक सदस्य भास्कर, धनंजय राय, विकास सिंह, मिथिलेश, उमानाथ, सुभाष राय, विकास, अशोक, अजय, सतीश और विनोद कुमार सहित सैकड़ों समाज के प्रबुद्ध जन शामिल थे। सभी ने एक स्वर में उम्मीद जताई कि नई कमेटी समाज के उत्थान के लिए बेहतर कार्य करेगी।
