पोटका : झारखंड को 31 दिसंबर 2027 तक फाइलेरिया मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। 10 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस अभियान में राज्य के 11 जिलों -पूर्वी सिंहभूम, बोकारो, देवघर, धनबाद, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, रामगढ़, रांची, साहिबगंज और लोहरदगा में दो दवाओं डी.ई.सी. और अल्बेंडाजोल तथा 3 जिलों – कोडरमा, पाकुड़ एवं सिमडेगा में तीन दवाओं डी.ई.सी. अल्बेंडाजोल के साथ आइवरमेक्टिन के माध्यम से एमडीए अभियान चलाया जाएगा।
इसी अभियान का शुभारंभ मंगलवार को पोटका प्रखंड के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पोटका विधायक संजीव सरदार ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं स्वयं फाइलेरिया की दवा का सेवन कर किया। इसके बाद विद्यालय की 500 से अधिक छात्राओं को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई।
फाइलेरिया मुक्त पोटका बनाने की अपील
मौके पर विधायक संजीव सरदार ने कहा कि फाइलेरिया यानी हाथी पांव एक अत्यंत गंभीर है, जिसे जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से सरकार यह अभियान चला रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि दो वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोग इस दवा का सेवन अवश्य करें। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही फाइलेरिया मुक्त पोटका का सपना साकार किया जा सकता है।
दो लाख से अधिक लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चिकित्सा प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ ने बताया कि यह अभियान 10 फरवरी से 25 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान आंगनबाड़ी सेविका और सहिया द्वारा डोर-टू-डोर जाकर लोगों को दवा खिलाई जाएगी। पोटका स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 2 लाख 6 हजार 733 ग्रामीणों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से बीमार, गर्भवती महिला एवं दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छोड़कर सभी लोग इस दवा का सेवन कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग व विद्यालय प्रबंधन रहा उपस्थित
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सुनील तिर्की, अनामिका कुमारी, पलाश मंडल, तुसार मंडल, देबाशीष भगत, मनोज शर्मा (पिरामल), केआर अंजली सहित विद्यालय की वार्डन रूमा हलधर, शिक्षिका ज्योति सागर, मीणा धनवार, सुमिता कुमारी, काजल मुनि सरदार, कमला मुंडा समेत अन्य उपस्थित थे।
