बिहार की रफ्तार को लगेंगे पंख! दिसंबर 2026 से 5 घंटे का सफर सिर्फ 150 मिनट में
पटना : जी हां, अब बिहार की रफ्तार को लगेंगे पंख। 5 घंटे की यात्रा मात्र 150 मिनट में तय कर सकेंगे यात्री। यहां पहला एक्सेस-कंट्रोल्ड अमास-दरभंगा एक्सप्रेसवे (NH-119D)दिसंबर 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस एकसप्रेसवे पर लगभग 6,000 खर्च होंगे और काबिलेतारीफ यह कि राज्य सात जिलों और तीन प्रमुख हवाई अड्डों को जोड़ा जाएगा। प्रोजेक्ट के पूरा होते ही गया और दरभंगा के बीच यात्रा का समय 5-6 घंटे से घटकर 3 घंटे हो जाएगा।
बिहार का पहला एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे (एनएच-119डी) अमास और दरभंगा के बीच उत्तरी और दक्षिणी बिहार की सीमाओं को पाटते हुए तेज़ और सुरक्षित कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। यह एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा और बिहार के विकास को गति देगा। आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे औरंगाबाद जिले के आमस से दरभंगा के बेला नवादा तक बनाया जा रहा है। भौगोलिक दृष्टि से, अमास दिल्ली-कोलकाता राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-19) पर स्थित है, जबकि दूसरी ओर दरभंगा में बेला नवादा पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर (एनएच-27) से जुड़ा हुआ है।
19 शहरों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे बिहार के 7 जिलों के 19 शहरों को जोड़ेगा। जिसमें औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा शामिल है। अमास-दरभंगा पटना में कच्ची दरगाह और वैशाली में बिदुपुर नामक दो स्थानों पर बने पुलों के माध्यम से गंगा नदी को पार करेगी। यह एक्सप्रेसवे अपनी कनेक्टिविटी के लिए भी अनूठा है। यह बिहार के तीन प्रमुख हवाई अड्डों को सड़क मार्ग से जोड़ता है। इससे राज्य के लोगों को काफी लाभ होगा और व्यावसायिक हितों की भी पूर्ति होगी। गया हवाई अड्डे को जोड़ने से, यह मार्ग बोधगया आने वाले विदेशी पर्यटकों को विशेष सुविधा प्रदान करेगा।
इसके अलावा पटना में, एक्सप्रेसवे एक रिंग रोड के माध्यम से जय प्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ेगा। इसी प्रकार, दरभंगा में, एक्सप्रेसवे हवाई अड्डे के पास समाप्त होता है। इससे उत्तरी बिहार के लोगों को लाभ होगा। इस एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत काम हो चुका है।
6,000 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च
इस परियोजना पर लगभग 6,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसकी लंबाई और कनेक्टिविटी को देखते हुए, इसे राज्य की अर्थव्यवस्था पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालने वाला माना जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद गया और दरभंगा के बीच की दूरी और यात्रा का समय दोनों कम हो जाएंगे। वर्तमान में इस यात्रा में 5 से 6 घंटे लगते हैं, जो घटकर मात्र 2.5 से 3 घंटे रह जाएंगे। प्रोजेक्ट पूरा होते ही इसे सामान्य यातायात के लिए खोला जाएगा।
