दक्षिण पूर्व रेलवे की कई ट्रेनें 130 किमी प्रति घंटे की गति से चलेंगी, देखें पूरी सूची
जमशेदपुर। दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों को तेज, सुरक्षित और बेहतर रेल सेवा उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने विभिन्न महत्वपूर्ण रेल खंडों पर ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था फरवरी से चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। इसके साथ ही यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई ट्रेनों के लिए कुछ स्टेशनों पर प्रायोगिक ठहराव (एक्सपेरिमेंटल स्टॉपेज) भी शुरू किए गए हैं।
शुक्रवार को रेलवे की ओर से जारी सूचना के अनुसार अंडाल-खड़गपुर-भद्रक, अंडाल-खड़गपुर-टाटानगर-झारसुगुड़ा, भद्रक-रूपसा, झारसुगुड़ा-राउरकेला, बंडामुंडाझ्रराउरकेला सहित कई रेल खंडों पर ट्रैक और सिग्नल प्रणाली को उन्नत कर ट्रेनों की गति बढ़ाई गई है। इस फैसले से लंबी दूरी की कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस ट्रेनों के यात्रा समय में कमी आएगी।
इस गति वृद्धि का लाभ सिलचर-कोयंबटूर एक्सप्रेस, नागरकोइलझ्रशालीमार एक्सप्रेस, हावड़ा-सिकंदराबाद एक्सप्रेस, नांदेड़-संतरागाछी एक्सप्रेस, पुरी-बांगरीपोसी एक्सप्रेस, न्यू जलपाईगुड़ी-दीघा एक्सप्रेस, शालीमार-पुरी एक्सप्रेस, संबलपुरझ्रशालीमार एक्सप्रेस, शालीमारझ्रपुणे एक्सप्रेस, शालीमारझ्रएलटीटी मुंबई एक्सप्रेस, टाटानगर-जम्मू तवी एक्सप्रेस, हावड़ा-हटिया एक्सप्रेस, हावड़ा-रांची एक्सप्रेस, हटिया-बेंगलुरु एक्सप्रेस और हटिया- पुणे एक्सप्रेस सहित कुल 27 जोड़ी ट्रेनों को मिलेगा। अलग-अलग ट्रेनों के लिए यह नई गति व्यवस्था 4 फरवरी से 10 फरवरी के बीच प्रभावी हो रही है।
इसके अलावा दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों की मांग को देखते हुए कुछ ट्रेनों के लिए प्रायोगिक ठहराव की भी घोषणा की है। टाटानगर-बक्सर और बक्सर-टाटानगर एक्सप्रेस का अनारा स्टेशन पर ठहराव 10 फरवरी 2026 से शुरू होगा। दीघा-आसनसोल और आसनसोल-दीघा एक्सप्रेस को चंद्रकोना रोड, छातना, गरबेटा, ओंडाग्राम और सालबनी स्टेशनों पर फरवरी 2026 के मध्य से ठहराव दिया जाएगा। रांची-गोड्डा और गोड्डा-रांची एक्सप्रेस का झालिडा स्टेशन पर ठहराव भी फरवरी 2026 से लागू होगा। इसके साथ ही टाटानगरझ्रकटिहार और कटिहारझ्रटाटानगर एक्सप्रेस को जॉयचंडी पहाड़ स्टेशन पर ठहराव मिलेगा।
भुवनेश्वरझ्रनई दिल्ली और नई दिल्ली-भुवनेश्वर तेजस राजधानी एक्सप्रेस का पुरुलिया स्टेशन पर प्रायोगिक ठहराव 14 और 15 फरवरी से शुरू किया जाएगा।
