उपायुक्त, सिविल सर्जन, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी समेत कुल आठ पदाधिकारियों ने तीन-तीन हजार रुपये मिर्गी मरीजों की आर्थिक सहायता के लिए प्रदान की
पूर्वी सिंहभूम जिले में अबतक आयोजित 4 मिर्गी जांच शिविरों में 967 मरीजों की हुई पहचान, 02 फरवरी को चाकुलिया सीएचसी में कैम्प प्रस्तावित
जमशेदपुर : जिल प्रशासन द्वारा मिर्गी से पीड़ित मरीजों को निरंतर उपचार में सहयोग हेतु आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में ‘उल्लास मित्र अभियान’ की शुरुआत की गई। इस अवसर पर उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी, सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती संध्या रानी, डीपीएम, डीपीसी, डिस्ट्रिक्ट लीड पिरामल फाउंडेशन, डीएएम सहित कुल आठ पदाधिकारियों द्वारा मिर्गी मरीजों की सहायता हेतु प्रति पदाधिकारी तीन-तीन हजार रुपये का आर्थिक योगदान प्रदान किया गया।



उल्लास मित्र अभियान का उद्देश्य मिर्गी से ग्रसित मरीजों को केवल चिकित्सकीय उपचार तक सीमित न रखते हुए, उन्हें सामाजिक संबल एवं पोषण सहयोग प्रदान करना है, ताकि वे नियमित उपचार के साथ स्वस्थ जीवन की ओर अग्रसर हो सकें।
गौरतलब है कि उपायुक्त के निर्देशानुसार जिले में अबतक मिर्गी जांच एवं पहचान के लिए घाटशिला, पटमदा तथा शहरी क्षेत्र में दो शिविर आयोजित किया गया, जिनमें कुल 1560 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। जांच के उपरांत मिर्गी से पीड़ित 967 मरीजों की पहचान की गई है, जिन्हें नियमानुसार उपचार उपलब्ध कराते हुए सतत चिकित्सकीय निगरानी में रखा जा रहा है। उपचार के साथ-साथ इन मरीजों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उल्लास मित्र अभियान के माध्यम से सहयोग की व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें दवा, पोषाहार एवं अन्य आवश्यकताओं में सहायता मिल सके।
जिला प्रशासन द्वारा मिर्गी जांच एवं उपचार अभियान को आगे बढ़ाते हुए आगामी 02 फरवरी को चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विशेष जांच शिविर आयोजित किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक संभावित मरीजों की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। जिला के नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से इस मानवीय पहल से जुड़ने एवं मिर्गी पीड़ित मरीजों के सहयोग हेतु आगे आने की अपील है।
