ट्रंप के लिए बड़ा झटका, भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर पद का चुनाव जीता

न्यूयार्क : भारतीय मूल के 34 वर्षीय जोहरान ममदानी को मंगलवार को न्यूयॉर्क सिटी का मेयर चुनाव जीत लिया है। उनकी जीत अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। दरअसल, ट्रंप लगातार उनका विरोध कर रहे थे।

ममदानी अमेरिका के सबसे बड़े शहर के मेयर पद पर आसीन होने वाले पहले दक्षिण एशियाई और मुस्लिम व्यक्ति बन गए हैं। ममदानी ने 9,48,202 वोट (50.6 प्रतिशत) प्राप्त कर न्यूयॉर्क सिटी के मेयर का चुनाव जीता, जिसमें 83 प्रतिशत वोट पड़े।

वह कई महीनों से न्यूयॉर्क सिटी के मेयर चुनाव की दौड़ में सबसे आगे थे और मंगलवार को उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लिवा तथा दिग्गज नेता एवं न्यूयॉर्क के पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को हराया, जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे थे।

कुओमो को चुनाव की पूर्व संध्या पर ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त हुआ था। कुओमो को 7,76,547 वोट (41.3 प्रतिशत) मिले जबकि स्लिवा को 1,37,030 वोट मिले। न्यूयॉर्क सिटी के निर्वाचन बोर्ड ने कहा कि 1969 के बाद पहली बार 20 लाख वोट डाले गए, जिनमें मैनहट्टन में 4,44,439 वोट पड़े, इसके बाद ब्रोंक्स (187,399), ब्रुकलिन (571,857), क्वींस (421,176) और स्टेटन आइलैंड (123,827) का स्थान रहा।

ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवारी हासिल करने के लिए प्राइमरी चुनाव में कुओमो को हराया था और इस वर्ष जून में उन्हें विजयी घोषित किया गया था।

उनके प्रचार अभियान समूह ने कहा था, ‘‘जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के कामकाजी वर्ग के लोगों के लिए जीवनयापन की लागत कम करने के वास्ते मेयर पद का चुनाव लड़ रहे हैं।” युवा नेता ममदानी को युवाओं और कामकाजी वर्ग के न्यूयॉर्कवासियों के बीच भरपूर समर्थन मिला, जो देश में कठिन आर्थिक और राजनीतिक माहौल के बीच महंगाई और नौकरी की असुरक्षा के बोझ तले दबे हुए हैं।

भारतीय मूल के ममदानी प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मीरा नायर और कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर महमूद ममदानी के पुत्र हैं। उनका जन्म युगांडा के कंपाला में हुआ था और सात साल की उम्र में वह अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क सिटी आ गए थे। ममदानी हाल ही में 2018 में ही अमेरिकी नागरिक बने थे।

बता दें, डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद के दूसरे कार्यकाल में यह पहला राष्ट्रीय चुनाव था। सभी की नजरें इस चुनाव पर थी। ममदानी (34) का जन्म अफ्रीकी देश युगांडा में हुआ है और न्यूयॉर्क शहर में पले-बढ़े हैं। वह न्यूयॉर्क राज्य असेंबली के सदस्य और डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट हैं। प्रसिद्ध भारतीय फिल्मकार मीरा नायर और भारतीय मूल के युगांडा के लेखक महमूद ममदानी के बेटे ममदानी ने न्यूयॉर्क शहर के महापौर पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की प्राथमिक दौड़ में कुओमो को मुश्किल में डाले रखा और जून में विजयी घोषित किए गए।

न्यूयॉर्क शहर के महापौर पद की दौड़ अपने अंतिम चरण में पहुंचते ही राष्ट्रपति ट्रंप ने न्यूयॉर्क राज्य के पूर्व गवर्नर का आधिकारिक रूप से समर्थन किया थाऔर सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ’ पर एक पोस्ट में कहा था, ‘‘चाहे आप व्यक्तिगत रूप से एंड्रयू कुओमो को पसंद करते हों या नहीं, आपके पास वास्तव में कोई विकल्प नहीं है। आपको उन्हें वोट देना चाहिए और उम्मीद करनी चाहिए कि वे शानदार काम करेंगे। वे इसके लिए सक्षम हैं, ममदानी नहीं!”

न्यूयॉर्क में मतदान शुरू होने से पहले ट्रंप ने मतदाताओं को चेतावनी दी कि अगर महापौर पद के चुनाव में ममदानी की जीत होती है तो शहर एक ‘‘पूर्ण आर्थिक और सामाजिक आपदा” क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा और इसे कोई नहीं बचा पाएगा।

उन्होंने कहा था, ‘‘यदि वामपंथी उम्मीदवार जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क शहर के महापौद पद पर चुनाव जीतते हैं, तो संभव है कि मैं अपने प्यारे पहले घर के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि के अलावा संघीय निधि से कोई और मदद नहीं करूंगा, क्योंकि एक वामपंथी के रूप में, इस महान शहर की सफलता या यहां तक ​​कि अस्तित्व में बने रहने की कोई संभावना नहीं है!”

ट्रंप ने कहा था, ‘‘किसी वामपंथी के सत्ता में आने से हालात और बदतर हो सकते हैं, और मैं राष्ट्रपति होने के नाते, खराब स्थिति में पैसा नहीं भेजना चाहता। देश चलाना मेरा दायित्व है, और मेरा दृढ़ विश्वास है कि अगर ममदानी जीत गए तो न्यूयॉर्क शहर पूरी तरह से आर्थिक और सामाजिक रूप से तबाह हो जाएगा।”

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