हजारीबाग के विष्णुगढ़ में बच्ची के साथ दरिंदगी व हत्या के खिलाफ जमशेदपुर में दिखा आक्रोश
हैवानियत की हद
भाजपा जमशेदपुर महानगर महिला मोर्चा के नेतृत्व में उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन
त्वरित सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी व मुआवजा की मांग
जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा- झारखंड में बेटियां सुरक्षित नहीं
हजारीबाग के विष्णुगढ़ में बंद का व्यापक असर, दुकानदारों ने स्वत: अपनी दुकानें बंद रखी
जमशेदपुर/हजारीबाग : हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ में 12 वर्षीय बच्ची के साथ दरिंदगी और हत्या के विरोध में जमशेदपुर में दिखा जबरदस्त आक्रोश। भारतीय जनता पार्टी जमशेदपुर महानगर महिला मोर्चा के नेतृत्व में जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया.
धरना- प्रदर्शन की शुरुआत साकची स्थित भाजपा जिला कार्यालय से पैदल मार्च के साथ हुई. प्रदर्शनकारी हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “बेटी को न्याय दो” और “दोषियों को फांसी दो” जैसे नारे लगाते हुए डीसी कार्यालय पहुंचे.
पूरे मार्ग में लोगों का आक्रोश साफ दिखा. इस विरोध प्रदर्शन में जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा दास साहू, भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.
धरना स्थल पर पूर्णिमा दास साहू बच्ची की घटना को याद कर भावुक हो गईं और रो पड़ीं, जिससे वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे. विधायक पूर्णिमा साहू ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि यह घटना पूरे समाज को झकझोरने वाली है और सरकार की विफलता को उजागर करती है. उन्होंने पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा, निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की.
धरना के दौरान भाजपा नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में मामले की त्वरित सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने, दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की गई.
महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने भी घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा. इस प्रदर्शन के बाद शहर में राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी तेज हो गई है.
दूसरी ओर घटना के विरोध में हजारीबाग बंद रहा। शहर में बंद का व्यापक असर देखा गया। विष्णुगढ़ पूरी तरह बंद रहा। दुकानदारों ने स्वत: अपनी दुकानें बंद रखी। हर तरफ सन्नाटा पसरा रहा। विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों के हाथों में तख्तियां थी। जिसके माध्यक से दोषियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
झारखंड हाईकोर्ट ने अपना कड़ा रुख
इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने स्तत: संज्ञान लेते हुए राज्य के डीजीपी और गृह सचिव को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। अदालत ने कहा है कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। हजारीबाग के एसपी से भी जवाब तलब किया गया है।
