उपायुक्त ने कहा -जिले में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराया जाए
गुड़ाबान्दा के बनमाकड़ी पंचायत में अविलंब ममता वाहन सहित प्रत्येक पंचायत में एक-एक ममता वाहन उपलब्ध कराया जाए
आंकड़ों के मुताबिक 63 मामले में घरों में प्रसव के कारणों के संदर्भ में बोड़ाम व डुमरिया में ठोस समाधान के लिए पहल करें
प्रसव पूर्व लिंग जांच : अवैध व गैर कानूनी तरीके से संचालित नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, झोला छाप चिकित्सकों पर हो ठोस कार्रवाई
जमशेदपुर : उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने कहा है कि संस्थागत प्रसव के मामले में जिले में शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराया जाए। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ो के अनुसार 63 मामले में घरों प्रसव होने के कारणों के संदर्भ में बोड़ाम तथा डुमरिया क्षेत्र के एमओआइसी को सभी मामले का केस स्टडी के माध्यम से विशलेषण करते हुए समस्या के ठोस समाधान के लिए पहल करने का सख्त निर्देश दिया।
गुड़ाबान्दा के बनमाकड़ी पंचायत में अविलंब ममता वाहन सहित प्रत्येक पंचायत में एक-एक ममता वाहन सुनिश्चित कराने हेतु पंचायत प्रतिनिधियों एवं प्रखंड विकास पदाधिकारियों से समन्वय करने को कहा।
लिंगानुपात मामले की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिला के दो सबसे कम लिंगानुपात वाले प्रखंड पटमदा (864) एवं घाटशिला (867) में प्रसव पूर्व लिंग जांच की अशांका जताते हुए अवैध एवं गैर कानूनी तरीके से संचालित नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, झोला छाप चिकित्सकों पर जांच करते हुए संबंधित एसडीओ के माध्यम से नियमानुसार कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी रोगियों की पहचान एवं इलाज, अस्पतालों में डायलिसिस, आईसीयू सुविधा, शिशु केयर युनिट, कुपोषण उपचार, टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, ममता वाहन, लिंग अनुपात, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम सहित तमाम स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हेतु प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को संवेदनशीलता, तत्परता एवं उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करते हुए सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सेवाओं को पारदर्शी एवं सुलभ बनाएं।
जिला स्तर प्रोजेक्ट उल्लास अभियान के तहत नियमित कैम्प आयोजित कर मिर्गी रोगियों की पहचान एवं समुचित इलाज को प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया गया। सदर अस्पताल में 4 एवं घाटशिला अस्पताल में 3 डायलिसिस सुविधा की समीक्षा करते हुए कहा किसी भी स्थिति में डायलिसिस सुविधा ठप न पड़े इसको सुनिश्चित किया जाय। मेंटनेंस अथवा सर्विसिंग आवर को न्युन्तम रखते हुए मरिजों को सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
घाटशिला अस्पताल के शिशु केयर यूनिट में पिछले एक वर्ष में 11 नवजात बच्चों की मौत को चिन्ताजनक बताते हुए बच्चों की मौत के कारणों की समीक्षा कर समस्या के मूल कारण पर काम कर व्यवस्था ठीक करने का निर्देश संबंधित एमओआईसी तथा सिविल सर्जन को दिया।
बहरागोड़ा, घाटशिला, मुसाबनी, पोटका तथा टेल्को कुपोषण उपचार केंद्र में क्षमता के अनुरूप माह जनवरी फरवरी में बेड ऑक्यूपेंसी घट जाने पर उपायुक्त ने सभी संबंधित एमओआइसी एवं केन्द्र प्रभारी को प्रशिक्षित एवं संवेदनशील स्टाफ की तैनाती तथा एमटीसी में ठहराव के लाभ-हानि के बारे में काउंसलिंग करने साथ साथ महिला एवं बाल विकास विभाग के क्षेत्रीय स्तर के सेविका सहिया से समन्वय कर बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने को कहा ताकि कोई भी बच्चा कुपोषण से ग्रस्त न हो।
टीकाकरण कार्य की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने शत प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चत करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्यकर्मीयों को कहा घर-घर जाकर सत्यापन करें और वंचित लोगों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित करें। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर स्वास्थ्य कर्मी नियमित रूप उपस्थिति सुनिश्चित करें। जुगसलाई को टीकाकरण में अपेक्षित प्रगति लाने को कहा गया।
बैठक में डेंगू और मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु विशेष सतर्कता बरतने, फॉगिंग, जागरूकता अभियान एवं नेशनल वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत सभी गतिविधियों की कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. वहीं राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन अभियान, एनीमिया मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई. विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में एनीमिया जांच अभियान का विस्तार करने, गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग गतिविधियों को सशक्त बनाने का निर्देश दिया गया. उन्होंने कहा कि कार्य में उदासीनता बरतने वाले स्वास्थ्यकर्मियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करें।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ साहिर पाल, डॉ जोगेश्वर प्रसाद, डॉ रंजीत पांडा, डॉ ए मित्रा, डॉ मृत्युंजय धावड़िया, डॉ. ओ.पी केशरी सहित, सभी एमओआइसी, एसीएमओ सभी एमओआईसी, डीपीसी, डीपीएम, डीडीएम, बीएएम, बीपीएम, बीडीएम व स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी-कर्मी उपस्थित रहे.
