बागबेड़ा गोलीकांड: पोपो मुंडा पर फायरिंग मामले में दो के खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
मुख्य बिंदु:
गोली लगने से पोपो मुंडा गंभीर, टीएमएच में इलाजरत
बादल कुमार समासी और करण कुमार पर नामजद प्राथमिकी
पुरानी रंजिश को बताया गया घटना का कारण
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तेज की छापेमारी
कई पहलुओं पर पुलिस कर रही है जांच
जमशेदपुर ।
बागबेड़ा थाना क्षेत्र के गांधीनगर इलाके में 17 सितंबर को पोपो मुंडा पर हुए फायरिंग कांड में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इस मामले में दो नामजद आरोपियों—बादल कुमार समासी और करण कुमार—के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
घटना 17 सितंबर की शाम लगभग 7 बजे की है, जब पोपो मुंडा अपने एक साथी के साथ गांधीनगर इलाके में बैठा हुआ था। इसी दौरान आरोपी करण और बादल से उसका किसी पुराने विवाद को लेकर झगड़ा हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया। आरोप है कि झगड़े के बाद जान मारने की नीयत से पोपो मुंडा पर गोली चलाई गई।
गोली पोपो के पेट और गुप्तांग के बीच जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज अब भी जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत स्थिर है लेकिन अभी निगरानी में रखा गया है।
पोपो मुंडा मूल रूप से बागबेड़ा लाल बिल्डिंग का निवासी है और गांधीनगर में वह किसी परिचित से मिलने गया था। पुलिस ने बताया कि घटना के पीछे पुराना आपसी रंजिश हो सकता है, लेकिन जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।
थाना प्रभारी के अनुसार, आरोपियों के फरार होने की सूचना है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। फिलहाल, पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है, जिसमें घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और मोबाइल लोकेशन शामिल हैं।
